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हांगकांग में छात्र की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच फिर बढ़ा तनाव

पिछले पांच महीने से हांगकांग में जारी लोकतंत्र आंदोलन के खत्म होने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे। इसी कड़ी में हांगकांग में एक छात्र की एक बहुमंजिला कार पार्किंग में गिरकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि पिछले सप्‍ताह प्रदर्शनकारियों और हांगकांग पुलिस के बीच हिंसक झड़प के दौरान यह छात्र बहूमंजिला इमारत से गिर गया था। घायल अवस्‍था में उसे तुरंत अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। 8 नवंबर ,शुक्रवार को अस्‍पताल ने छात्र को मृतक घोषित कर दिया।

पुलिस द्वारा छात्र की पहचान कर ली गयी है। पुलिस द्वारा उसका नाम एलेक्स चाउ बताया गया है। चाउ कंप्यूटर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्नातक कर रहा है।

उधर, हांगकांग में मौत की खबर से प्रदर्शनकारियों एवं पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प तब शुरू हुई जब देर रात प्रदर्शनकारियों ने बहुमंजिला पार्किंग से पुलिस पर वस्‍तुओं को फेंकना शुरू किया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले व बल का इस्‍तेमाल किया। देर रात हुई झड़प के बाद चाउ पार्किंग में खुन से लथपत अचेत अवस्‍था में देखा गया। लोगों ने उसे अचेत अवस्‍था में क्वीन एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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हालांकि सितंबर में हांगकांग में चीन की प्रतिनिधि कैरी लैम ने विवादित प्रत्यर्पण विधेयक वापस लेने का औपचारिक एलान कर दिया था। यही वह विधेयक है जिसके विरोध में पांच महीने से हांगकांग में आंदोलन चल रहा है। बाद में यह प्रदर्शन लोकतंत्र की मांग में तब्दील हो गया। दरअसल,इस विधेयक में प्रावधान था कि हांगकांग में दर्ज मुकदमे के लिए आरोपित को चीन ले जाकर वहां की कोर्ट में सुनवाई की जा सकती थी। हांगकांग के बड़े वर्ग ने माना कि यह उनकी लोकतांत्रिक मांगों को दबाने के चीन के षडयंत्र का हिस्सा है। पूर्व में प्रत्यर्पण विधेयक को चीन समर्थित सरकार ने स्थगित करने की घोषणा की थी लेकिन आंदोलन थमता न देख ताजा घोषणा की गई थी।

इस आंदोलन ने 70 लाख आबादी वाले हांगकांग को अस्त व्यस्त कर रखा है। आंदोलन में शामिल एक हजार से ज्यादा लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हांगकांग चीन का अर्ध स्वायत्त क्षेत्र है, जो सन 1997 में उसे ब्रिटेन से प्राप्त हुआ है।

कभी ब्रिटेन के उपनिवेश रहे हांगकांग में नागरिकों के बुनियादी अधिकारों को लेकर महीनों से प्रदर्शन हो रहे हैं। पिछले पांच महीने में लाखों लोगों ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अब तक भी हांगकांग अशांत है।

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