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अंतर्राष्ट्रीय दबाव पर झुकी म्यांमार की सेना

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद से सेना लगातार प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार कर रही है। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया था। जिसकी अन्तर्राष्ट्रीय मंचो पर जमकर आलोचना की जा रही है और इसे मानवाधिकार के विरुद्ध बताया जा रहा है। इसी बीच खबरें हैं कि अब सेना का रुख धीरे-धीरे नरम होने लगा है।

दरअसल, म्यांमार की सेना ने गिरफ्तार किये गए कई लोगों को हिरासत से छोड़ दिया है। ये पहली बार है जब म्यांमार की सेना ने गिरफ्तार लोगों को रिहा किया है।  म्यांमार के सरकारी टीवी द्वारा बताया गया कि सेना ने लगभग 628 लोगों के रिहा कर दिया है।

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कई बसों को यंगून की इनसिन जेल से बाहर जाते हुए देखा गया। इन बसों में गिरफ्तार किये गए लोगों को बाहर लेकर आया गया। स्थानीय मीडिया हाउसेस के अनुसार सेना द्वारा रिहा किये गए लोगों में सबसे ज्यादा छात्र हैं। इसके अलावा पत्रकार वकील भी शामिल हैं।

म्यांमार में शासन संभाल रही सेना पर पश्चिमी देशों, खासतौर पर यूरोपीय यूनियन ने कई प्रतिबंध लगाए हैं जिसके बाद उसकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

सेना का कहना है कि उनकी कार्रवाई में अब तक 164 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। लेकिन ‘एसिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स’ (AAPP) ने ये आंकड़ा 261 बताया है। वहीं हाल ही में अपना बचाव करते हुए सेना का कहना है कि लगातार हो रही मौतों के लिए लोग खुद जिम्मेदार हैं। स्थानीय मीडिया आउटलेट म्यांमार नाउ द्वारा बताया गया कि सैनिकों ने उसके पिता को गोली मारनी चाही थी। लेकिन एक चूक से गोली पिता के बजाए गोद में बैठी बच्ची को लग गई।

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