विश्व में अब तक कोरोना का कहर थमा नहीं है। दुनियाभर के देश इस महामारी के दंश को अब तक झेल रहे हैं। तो वहीं कुछ देश के नेता ऐसे भी हैं जिनके जेहन में इस बीमारी को लेकर कई संदेह भरे पड़े हैं। उन्हीं नेताओं में से एक हैं तंजानिया के राष्ट्रपति जॉन मागुफुली। राजनीतिक उथल पुथल से गुजर रहे तंजानिया में देश के राष्ट्रपति को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रपति जॉन मागुफुली चोरी छुपे भारत में कोरोना का इलाज करा रहे हैं और इसकी किसी को भी खबर नहीं है। ये खुलासा तंजानिया के मुख्य विपक्षी नेता द्वारा किया गया है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति कोरोना से संक्रमित हैं और भारत में इसका इलाज करा रहे हैं।
दरअसल, राष्ट्रपति पिछले दो हफ्तों से किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या लोगों के बीच नहीं देखे गए। ऐसे में अब उनके कोरोना संक्रमित होने की खबर सामने आ रहे है। देश के मुख्य विपक्षी नेता टुंडु लिसु की ओर से अपने दावे को सही करार देते हुए केन्या में मेडिकल और सुरक्षा सूत्रों का हवाला दिया गया और बताया गया कि केन्या के अस्पताल से राष्ट्रपति कोभारत रेफर कर दिया गया है। अभी फिलहाल वह कोमा की स्थिति में है। हालांकि, अपनी बात को सच करार देने के लिए उन्होंने कोई सबूत नहीं दिए हैं। जबकि तंजानिया सरकार के प्रवक्ता ने 61 वर्षीय मागुफुली की वर्तमान लोकेशन और स्वास्थ्य के बारे में चल रही अटकलों को लेकर मौन साध रखा है।
Latest update from Nairobi: The Man Who Declared Victory Over Corona “was transferred to India this afternoon.” Kenyans don’t want the embarrassment “if the worst happens in Kenya.” His COVID denialism in tatters, his prayer-over-science folly has turned into a deadly boomerang! pic.twitter.com/DyXYYbIvdd
— Tundu Antiphas Lissu (@TunduALissu) March 10, 2021
केन्या से इलाज के लिए भेजा गया भारत
‘बुलडोजर’ निकनेम वाले मागुफुली ने 2015 में तंजानिया की सत्ता संभाली। उनके बाद आखिरी बार मागुफुली को 27 फरवरी को देखा गया था। राष्ट्रपति स्वस्थ स्थिति में देश के सबसे बड़े शहर दार एस सलाम में स्थित स्टेट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजानिक तौर पर नजर आए। लिसु द्वारा बताया गया कि इस सप्ताह की शुरुआत में मागुफुली को केन्या के नैरोबी अस्पताल में भेजा गया था और फिर भारत में एक अज्ञात गंतव्य पर ले जाया गया। उन्होंने बताया कि कल सुबह से ही राष्ट्रपति होश में नहीं है। हालांकि, इस बारे में उनके द्वारा ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
भारत ने नहीं की कोई टिप्पणी
दूसरी ओर, केन्या के ‘नेशन’ अखबार ने बुधवार को अनाम राजनीतिक और कूटनीतिक सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि नैरोबी अस्पताल में एक अफ्रीकी नेता वेंटिलेटर पर था। उनका इलाज कोरोना के लिए किया जा रहा था। वहीं, नैरोबी में भारत के विदेश मंत्रालय और उसके उच्चायोग ने इस मामले में तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। आपको बता दें कि तंजानिया के राष्ट्रपति जॉन मैगुफुली ने कोरोना को बीमारी मानने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ एक फ्लू है और वह दावा कर रहे थे कि इसे झाड़ फूंक से उखाड़ फेंका जाएगा।

