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हांगकांग :71 साल में पहली बार नहीं पढ़ने दिया सीईओ को भाषण

हांगकांग में प्रत्यर्पण बिल को लेकर आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है।  विपक्ष ने हांगकांग की नगर संसद में हंगामा किया और सीईओ कैरी लैम को सालाना भाषण नहीं पढ़ने दिया। एक सदस्य द्वारा सरकार विरोधी नारों को दर्शाने के लिए प्रोजेक्टर का इस्तेमाल भी किया। जिसमें से एक ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का मुखौटा पहन रखा था। इसके बाद लैम ने वीिडयो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाषण पढ़ा। साल 1948 के बाद यह पहला मौका है जब संसद में कोई नेता वार्षिक भाषण नहीं दे सका। हांगकांग में विपक्ष के लोकतंत्र समर्थक सांसदों के हंगामे के चलते मुख्य कार्यकारी कैरी लैम को लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी संसद की बैठक स्थगित करनी पड़ी।
17 अक्टूबर ,गुरुवार को लैम अपने भाषण में उल्लिखित नीतियों पर सवाल-जवाब के लिए संसद में लौट आई थीं। हालांकि, उनके राजनीतिक विरोधियों ने इस दौरान उनके खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए और धीरे-धीरे हंगामा बढ़ता चला गया। ऐसे में अराजकता फिर से भड़क उठी।

हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक अहम विधेयक पारित किया है। यह बिल चीन को उकसाने वाला है जिसका मकसद हांगकांग के अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र में नागरिक अधिकारों का बचाव करना है। इसके बाद अमेरिका इस बात की वार्षिक समीक्षा करेगा कि हांगकांग में पर्याप्त आजादी है या नहीं और इसी आधार पर विशेष कारोबारी दर्जे का भविष्य भी तय होगा।

चीन को भड़काने वाले ‘हांगकांग ह्यूमन राइट्स एंड डेमोक्रेसी एक्ट’ नामक इस कानून के तीन हिस्से हांगकांग संबंधी हैं जबकि इस हिस्से में चीन की हुवावे अधिकारी के विवाद में कनाडा की सराहना शामिल है। प्रतिनिधि सभा में यह विधेयक विपक्षी डेमोक्रेट और सत्तापक्ष के रिपब्लिकन सांसदों की सर्वसम्मति से पारित हुआ है।
अमेरिका का यह रुख हांगकांग में कैरी लेम की स्थानीय सरकार और चीन के लिए झटका है। प्रतिनिधि सभा में सांसदों ने कहा कि वे चीन पर आक्रामक रुख अपनाना चाहते थे और पिछले चार माह की अशांति के बाद वहां के नागरिकों के लिए समर्थन दिखाना चाहते थे। यह कानून हांगकांग-अमेरिका के बीच विशेष कारोबारी दर्जे को भी उन परिस्थितियों में खत्म कर सकता है यदि अमेरिकी विदेश मंत्रालय वार्षिक रूप से यह प्रमाणित नहीं करे कि हांगकांग में मानवाधिकारों व कानून का सम्मान हो रहा है। अमेरिकी बिल पर बौखलाए चीन ने कहा कि अमेरिका उसकी प्रगति रोकना चाहता है।
“हांगकांग में मानवाधिकार या लोकतंत्र कोई मुद्दा नहीं है। हांगकांग की समस्या कानून व्यवस्था बनाए रखना है। हांगकांग में हिंसा रोकना बड़ी चुनौती है। ” -चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग
चीन ने इसे अमेरिकी साजिश कहा और बिल पर एतराज जताते हुए माकूल जवाब देने की चेतावनी दी। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित ‘हांगकांग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम’ बिल अब सीनेट में जाएगा। इसके बाद बिल पर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर होंगे। अगर यह बिल सीनेट पास हुआ तो चीन को कई संकटों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें कई प्रतिबंध भी शामिल है। ऐसे में जाहिर है कि चीन इसे अपने आंतरिक मामले में अमेरिकी दखल मानकर आगे की रणनीति अपना सकता है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने कहा कि हम चीनी राष्ट्रपति और हांगकांग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैरी लेम से आग्रह कर रहे हैं कि वे ईमानदारी से लोगों के अधिकारों का सम्मान करें। वह प्रदर्शनकारियों को दिए गए अपने वादों को निभाए।

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