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ड्रैगन का नया फरमान, चीन आना है तो लेनी पड़ेगी ‘चीनी वैक्सीन’

दुनियाभर में जिस देश से कोरोना वायरस का प्रसार शुरू हुआ अब उसी देश में अगर आपको जाना है तो वैक्सीन भी उसी देश का लगवाना होगा। जी हां, ड्रैगन का नया फरमान है कि अगर अपने चीनी वैक्सीन नहीं लगवाई है तो चीन में नो एंट्री है। इसलिए अगर आप भी चीन जा रहे हैं तो जान लें कि चीनी वैक्सीन के बिना आपको चीन में एंट्री नहीं मिलेगी। दरअसल, कोरोना के कहर के दौरान चीन द्वारा सीमा प्रतिबंधों में छूट देने का फैसला लिया गया है। लेकिन इसके साथ ही उसने एक शर्त भी रखी है। नई दिल्ली में चीनी दूतावास की तरफ से जारी एक नोटिस के मुताबिक, शर्त ये है कि भारत समेत 20 देशों से चीन आने वाले लोगों को अब ‘मेड इन चाइना’ वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है। चीन आने के लिए वीजा चाहने वालों के लिए अब चीनी वैक्सीन जरुरी है।

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नोटिस के अनुसार, भारत में चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास की ओर से एक देश से दूसरे देश आवागमन करने वाले लोगों को चीन निर्मित COVID-19 वैक्सीन दी जाएगी। साथ ही उन लोगों को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ डिक्लेरेशन का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि जो विदेशी लोग भारत से चीन जाएंगे उन्हें यात्रा से पहले इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ डिक्लेरेशन भी देना होगा। इसके अलावा चीन के स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार चीन पहुंचने वाले लोगों को क्वारंटीन में भी रहना होगा।

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गौरतलब है कि दुनिया के कई देशों में मेड इन चाइना कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही है। इसमें पाकिस्तान, ब्राजील, चिली सहित कई देश शामिल हैं। संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन दिसंबर में ही चीन कंपनी सिनोफार्मा की कोरोना वैक्सीन को अनुमति दे चुका है।

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