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कपिल देव -शांता रंगास्वामी ने सीएसी पद से दिया इस्तीफा

भारतीय क्रिकेट सलाहकार समिति के सीएसी सदस्यों को हितों के टकराव के चलते नोटिस जारी करने के बाद शांता रंगास्वामी के बाद कपिल देव ने भी क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एथिक्स आफिसर डीके जैन ने क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के तीनों सदस्यों को नोटिस भेजा था, जिसके एक दिन बाद ही शांता रंगास्वामी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और अब कपिल देव ने भी उन्हीं की राह पर चलते हुए इस्तीफा सौंप दिया है। सीएसी के तीसरे सदस्य अंशुमन गायकवाड़ हैं।

कपिल ने पद छोड़ने की वजह का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) को ई-मेल कर अपने फैसले की जानकारी दी। कपिल देव ने सीओए प्रमुख विनोद राय और बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी को ई-मेल में लिखा, खास तौर पर पुरुष क्रिकेट टीम के हेड कोच का चयन करने के लिए एड-हाक सीएसी का हिस्सा बनना खुशी की बात थी। मैंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। हलाकि सीओए के प्रमुख विनोद राय ने स्पष्ट किया है कि सीएसी हितों के टकराव के दायरे में नहीं आती है। और उन्हें सिर्फ मुख्य कोच के चयन के लिए नियुक्त किया गया था।

दरअसल मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने सितंबर में सीएसी के सदस्यों के खिलाफ शिकायत की थी, शिकायत में गुप्ता ने दावा किया था कि सीएसी के सदस्य कई भूमिकाएं एक साथ निभा रहे हैं। गुप्ता ने कहा था कि कपिल देव इसलिए हितों का टकराव कर रहे हैं, क्योंकि वह कमेंटेटर हैं, फ्लडलाइट कंपनी के मालिक हैं और सीएससी के अलावा भारतीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन के सदस्य भी हैं। वहीं, शांता रंगास्वामी भी भारतीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन और सीएसी समेत कई भूमिकाओं का निर्वहन कर रही है।

पिछले दिनों राहुल द्रविड़ को बीसीसीआई के एथिक्स आफिसर डीके जैन ने पूछताछ के लिए बुलाया था। संजीव गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा था कि द्रविड़ ने राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) का क्रिकेट निदेशक पद संभालने से पहले इंडिया सीमेंट्स (आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स के मालिक) से ‘अवकाश’ लिया है और अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया।

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कपिल देव को एड-हाक समिति का प्रमुख इस साल जुलाई में बनाया था। सीएसी पर भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच चुनने की जिम्मेदारी थी। कपिल देव की अध्यक्षता वाली सीएसी ने इंटरव्यू आयोजित किए और भारतीय पुरुष टीम के लिए रवि शास्त्री की दोबारा नियुक्ति की। शांता रंगास्वामी ने अपने पद से तब इस्तीफा दिया जब कपिल देव और अंशुमन गायकवाड़ के साथ उन्हें भी बीसीसीआई के एथिक्स आफिसर डीके जैन ने सितंबर में हितों के टकराव का नोटिस भेजा।
इस बीच शांता रंगस्वामी ने हितों के टकराव को लागू करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश पर निराशा व्यक्त की थी। इससे क्रिकेटर्स असहाय महसूस कर रहे थे। उन्होंने एक वेबसाइट से बातचीत में कहा था, ‘मैं बीसीसीआई में योगदान देना चाहती हूं, लेकिन अन्य चीजें साथ में करना चाहती हूं। अगर मैं ऐसी पोजीशन पर रही तो कुछ कर नहीं सकती।’ रंगास्वामी ने साथ ही पुष्टि की थी कि वह नोटिस के खिलाफ कुछ नहीं करेंगी और भारतीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन में अपने पद से भी इस्तीफा दे रही हूं।

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