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शास्त्री के कंधो पर एक बार फिर से  टीम को संवारने की जिम्मेदारी

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के लिए लगभग एक हजार से ज्यादा आवेदन आये थे। जिसमे से केवल छह आवेदकों का साक्षत्कार हुआ जिसमे भारतीय टीम के वर्तमान कोच रवि शास्त्री के नाम पर मुहर लगी। और  रवि शास्त्री एक बार फिर टीम इंडिया के मुख्य कोच बन गए हैं। कल शुक्रवार को मुंबई में 1983 विश्व कप विजेता कप्तान कपिल देव की अगुआई वाली तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने शास्त्री समेत छह उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया, जिसमें शास्त्री के नाम पर मुहर लगाई गई। इसके साथ ही वह अपने पद पर अगले दो साल तक बने रहेंगे। शास्त्री  तीसरी बार टीम इंडिया के कोच चुने गए हैं।

क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के प्रमुख कपिल देव ने  कहा कि रवि शास्त्री का भारतीय टीम के मुख्य कोच पर पद पर फिर से चयन का फैसला कप्तान विराट कोहली का मौजूदा कोच को खुले समर्थन से प्रभावित नहीं रहा। शास्त्री को सीएससी ने उम्मीद के मुताबिक दो साल के लिए फिर से मुख्य कोच चुना है।

भारत में 2021 में होने वाले टी-20 विश्व कप के बाद उनके प्रदर्शन की फिर से समीक्षा की जाएगी। कपिल से जब पूछा गया कि अंतिम फैसला कप्तान की प्राथमिकता से प्रभावित रहा, उन्होंने कहा, ‘नहीं, क्योंकि अगर हम  उनकी राय लेते तो हमें पूरी टीम की राय लेनी पड़ती। हमने उनसे नहीं पूछा क्योंकि हमारे पास यह सुविधा नहीं थी।’सभी उम्मीद्वारों में शास्त्री का रिकॉर्ड शानदार था। उनके कोच रहते हुए भारतीय टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर पहुंची और उसने 71 वर्षों में पहली बार आस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीं पर हराया। उनकी अगुवाई में हालांकि भारत आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीत पाया और उसे 2015 और 2019 के विश्व कप में निराशा हाथ लगी।
कपिल देव की अगुवाई वाली समिति को हालांकि यह बड़ा कारण नहीं लगा। समिति में शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ भी शामिल थे। आईसीसी टूर्नामेंटों में भारत के सेमीफाइनल में हारने के बारे में पूछे जाने पर कपिल ने कहा, ‘अगर मैनेजर किसी टीम के साथ एक विश्व कप नहीं जीत पाता है तो क्या उसे बर्खास्त कर देना चाहिए। नहीं। आपको संपूर्ण तस्वीर पर गौर करना होता है और हमने ऐसा किया। हमने उनकी प्रस्तुति को देखा और हमने उस हिसाब से फैसला किया।’

भारतीय टीम के पूर्व कोच अनिल कुंबले की जगह जुलाई 2017 में कोच पद संभालने के बाद रवि शास्त्री का रिकार्ड शानदार रहा। इस बीच भारत ने 21 टेस्ट मैचों में से 11 में जीत दर्ज की। उसने 60 वनडे में 43 अपने नाम किए तथा 36 टी-20 अंतरराष्ट्रीय में से 25 में जीत हासिल की। भारत के पहले विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि शास्त्री के संवाद कौशल ने उनके चयन में अहम भूमिका निभाई।
वेस्टइंडीज दौरे पर जाने से पहले जब कोहली से कोच के रूप में उनकी प्राथमिकता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था, ‘सीएसी ने इसके लिये मुझसे संपर्क नहीं किया है, लेकिन हम सभी का रवि भाई के साथ बहुत अच्छे संबंध है और हमें उनके बने रहने पर निश्चित तौर पर बहुत खुशी होगी।’

शास्त्री का भारतीय टीम के साथ यह चौथा कार्यकाल होगा। वह बांग्लादेश के 2007 के दौरे के समय कुछ समय के लिए कोच बने थे। इसके बाद वह 2014 से 2016 तक टीम निदेशक और 2017 से 2019 तक मुख्य कोच रहे। वर्तमान समिति ने इससे पहले दिसंबर में डब्ल्यूवी रमन को महिला टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया था।शुरू से ही कयास लगाए जा रहे थे कि शास्त्री तीसरी बार टीम इंडिया के हेड कोच का पद संभालेंगे और वह माइक हेसन और टॉम मूडी को पछाड़कर इस पद पर बने रहे। हेड कोच  की गुत्थी सुलझने के बाद क्रिकेट फैंस के दिमाग में ये सवाल तैरने लगा कि अब सपोर्ट स्टाफ में किसे जगह मिलेगी।

भारतीय टीम के मुख्य कोच के चुनाव के लिए कपिल देव की अगुवाई में क्रिकेट सलाहकार समिति का गठन किया गया था, लेकिन टीम इंडिया की बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग कोच को चुनने का दारोमदार  मुख्य चयनकर्ता के पास है। बीसीसीआई के नए संविधान के अनुसार टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ को टीम इंडिया का चयन करने वाले चयनकर्ता चुनेंगे। नए नियम के मुताबिक चीफ सेलेक्टर एम एस के प्रसाद ही टीम इंडिया के सपोर्टिंग स्टाफ का चुनाव करेंगे।

टीम इंडिया की बैटिंग कोच बनने की रेस में इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज जोनाथन ट्रॉट, मार्क रामप्रकाश, अमोल मजूमदार, ऋषिकेश कनितकर,प्रवीण आमरे, लालचंद राजपूत, तिलन समरावीरा और विक्रम राठौड़ ने आवेदन किया है। खबरों की माने तो टीम इंडिया किसी भारतीय को ही कोचिंग स्टाफ के रूप में शामिल करना चाहती है। इसकी वजह से माना जा रहा है कि बैटिंग कोच पद की रेस में विक्रम राठौड़ का नाम सबसे आगे है। टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ विक्रम राठौड़ पर काफी भरोसा करते हैं। राठौड़ इंडिया ए के बैटिंग कोच रह चुके हैं।

गेंदबाजी कोच के लिए डैरेन गॉफ, स्टीफन जोंस, सुब्रतो बनर्जी, अमित भंडारी, पारस महाम्ब्रे, वेंकटेश प्रसाद और सुनील जोशी के नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। हालांकि माना जा रहा है कि टीम इंडिया के वर्तामान गेंदबाजी कोच भरत अरुण को इस पदपर बरकरार रखा जा सकता है।

टीम इंडिया के फील्डिंग कोच के तौर पर आर श्रीधर बने रह सकते हैं, लेकिन उन्हें दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज फील्डर रहे जोंटी रोड्स से कड़ी टक्कर मिल सकती है। टीम इंडिया के हेड कोच के पद से पर्दा तो उठ गया, रवि शास्त्री के कंधो पर एक बार फिर से भारतीय टीम को संवारने की जिम्मेदारी सैंपी गई हैं, अब देखना होगा कि उनका साथ देने के लिए चीफ सेलेक्टर किसे चुनते हैं।विश्व कप के बाद कोच शास्त्री के साथ संजय बांगड़ (बल्लेबाजी कोच), भरत अरुण (गेंदबाजी कोच), आर श्रीधर (क्षेत्ररक्षण कोच) और प्रशासनिक प्रबंधक सुनील सुब्रमण्यम को वेस्टइंडीज दौरे के लिए 45दिनों का अनुबंध विस्तार दिया गया था। ये सभी इस चयन प्रक्रिया में स्वत: शामिल होंगे। कपिल ने कहा कि सहयोगी सदस्यों के चयन में कोई संवादहीनता नहीं होनी चाहिए। इस टीम के लिए उनकी (चयन समिति) शक्ति हमारी शक्ति है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते है कि टीम को इसका फायदा हो। सहयोगी सदस्यों के लिए साक्षात्कार 19अगस्त को होंगे।

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