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UP : उच्च वर्ग को रास नहीं आया SC महिला का प्रधान बनना, किया हमला

केंद्र और प्रदेश की सरकार एक तरफ तो देश में जातिवाद खत्म करने की बात कह रही है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में जातिवाद का जहर समाज को अपनी गिरफ्त में लेता हुआ दिखाई दे रहा है। बल्कि कहा जाए कि यह जहर बढ़ता ही जा रहा है।

कुछ ऐसा ही मामला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में सामने आया है। जहां पंचायत चुनाव की सामान्य सीट पर एक अनुसूचित जाति की महिला का जीतना उच्च वर्ग के लोगों को यह रास नहीं आया।

उच्च वर्ग के पंचायत चुनाव में हार गए लोगों ने प्रधान बनी अनुसूचित जाति की महिला के परिवार पर जमकर कहर बरपाया । जिसमें कई लोग घायल हो गए। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उन पर ही केस कर दिया।

 

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फिलहाल, आरोपी प्रदेश में “अपनी सरकार” कहकर खुलेआम दहशत का माहौल पैदा कर रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ अनुसूचित जाति के लोग दहशत में है।

उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के शाहबाद तहसील के भौरँकी जदीद गांव से अनुसूचित जाति के उत्पीड़न की एक घटना सामने आई है। जिसमें हाल ही में सम्पन्न हुए पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान पद पर अनसूचित जाति की महिला पुष्पा देवी लगातार दूसरी बार प्रधान चुनी गईं। इस बार उनसे उनके पड़ोस में रहने वाली ब्राह्मण परिवार की अंकिता शर्मा पत्नी अंशुल शर्मा चुनाव हार गई ।

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एक अनुसूचित जाति की महिला से चुनाव हार जाने का गम बर्दास्त न कर पाने के कारण 6 मई 2021 की रात 9 बजे अर्जुन शर्मा, अंशुल शर्मा, मुन्ना लाल शर्मा, अनिल कुमार शर्मा, रुचि शर्मा, सतीश कुमार शर्मा, विनोद कुमार शर्मा, अन्नू शर्मा व बबलू शर्मा ने प्रधान के घर पर हमला बोल दिया। यही नहीं बल्कि दरवाजा तोड़कर घर में घुस गए व राकेश कुमार व उसकी पत्नी भगवान देई के साथ बुरी तरह मारपीट की।

ग्रामीणों के बुलाने पर एम्बुलेंस आई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया । जहां से हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रामपुर रैफर किया गया। जहाँ दोनों का उपचार हुआ। इस बात की शिकायत शाहबाद थाने में दी गई । जिस पर  आज डेढ माह बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। उल्टे पीड़ित पक्ष के विरूद्ध ही शिकायत दर्ज कर दी गई।

जिस बात की दोबारा शिकायत राकेश कुमार ने 16 मई 2021 को दी है तथा मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मारपीट करने वाले लोग रसूखदार हैं। घर में हथियार भी रखते हैं । उनके परिवार का एक सदस्य पुलिस में है दो सरकारी नौकरी में हैं तथा वे धमकी दे रहे हैं कि शिकायत वापस ले लो तुम्हारा मुकदमा दर्ज नहीं होगा। हमारी सरकार है। तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हो। अगर हमारे विरुद्ध कोई कार्यवाही हुई तो हम तुम्हें गांव में भी नहीं रहने देंगे।

घटना पर अनेक सामाजिक राजनीतिक संगठनों ने आक्रोश जताया है । पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के प्रदेश अध्यक्ष के डी रंजन ने प्रशासन व पुलिस से दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने व पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा व आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। अन्यथा पार्टी ब्यापक धरने प्रदर्शन व आंदोलन को बाध्य होगी।

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