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‘आप नाराज होंगे, लेकिन कृपया नाराज न हों’ : द टायर एक्सस्टिंग्यूशर

कुछ दिन पहले पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ ने आठ देशों में 900 एसयूवी के टायर पंक्चर कर दिए थे। जिसके बाद कई लोगों ने इस बात की शिकायत करनी शुरू कर दी। ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ के कर्मचारियों ने दावा किया कि इन कारों की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है। इस संबंध में उन्होंने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर कहा कि यह कार्बन उत्सर्जक कारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में से एक है। साथ ही उन्होंने चेताया कि यह तो शुरुआत है और अभी बहुत कुछ बाकी है। ऐसे में पूरी दुनिया में चर्चा है कि आखिर ये ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ हैं कौन और क्या है ये पूरा मामला? आइए जानते हैं विस्तार से…

‘द टायर एक्सस्टिंग्यूशर’ कौन हैं? 

‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ पर्यावरण के लिए काम करने वाली एक सामाजिक संस्था है। इस संस्था की शुरुआत 2021 में हुई थी। यह संस्था जलवायु परिवर्तन, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण जैसे मुद्दों पर जन जागरूकता पैदा करने का प्रयास करती है। वेबसाइट पर ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ ने कहा है कि “हम आम लोग हैं और हमारा उद्देश्य दुनिया को वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण से बचाना है।”

‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ ने कारों के टायर क्यों पंचर कर दिए?

इस संस्था ने अब एक अनोखा अभियान चलाया है और इस संस्था के कार्यकर्ताओं ने करीब 900 कारों के टायर पंक्चर कर दिए हैं। ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ के कर्मचारियों ने दावा किया है कि इन कारों की वजह से प्रदूषण बढ़ रहा है। ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ ने अपने जारी बयान में कहा, “एसयूवी और फोर स्टार कार लोगों के स्वास्थ्य, सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण के लिए खतरनाक हैं। ये कारें हमारे शहर की हवा को प्रदूषित कर रही हैं। सरकार और राजनेता हमें इन कारों से बचाने के लिए शक्तिहीन नजर आ रहे हैं। इसलिए हमने इस आंदोलन को को करने का जिम्मा उठाया है।”

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SUVs से वायु प्रदूषण होता है…

बड़ी कारों से अधिक जहरीला धुंआ निकलता है, जिससे हमारे कस्बे और शहरों में वायु प्रदूषण बिगड़ जाता है। वैज्ञानिक तेजी से वायु प्रदूषण से दिल का दौरा , स्ट्रोक, कैंसर, फेफड़ों की समस्याओं, गर्भपात, यहां तक कि मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं तक गंभीर प्रभाव पड़ते हैं। इस बात के प्रमाण लगातार सामने आ रहे हैं कि वायु प्रदूषण हमारे लिए जितना हमने सोचा था उससे भी बदतर है और प्रदूषण फैलाने वाले बड़े वाहन इसके मुख्य दोषी हैं।

क्योंकि SUVs अन्य कारों की तुलना में बड़ी और भारी होती हैं, वे अधिक प्रदूषण करती हैं और अधिक ईंधन का उपयोग करती हैं। यह उन्हें हमारी जलवायु के लिए एक आपदा साबित करती है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के शोधकर्ता वर्ष 2019 में यह जानकर हैरान रह गए कि एसयूवी पिछले एक दशक में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में वैश्विक वृद्धि का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। शिपिंग, विमानन, भारी उद्योग और यहां तक कि ट्रकों से भी अधिक। SUV खरीदने की बढ़ती गति लोगों को इलेक्ट्रिक कारों की ओर जाने से रोक रही है।

संस्था का यह मानना है कि गाड़ियों के टायर पंचर करने और दूसरों को ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने जैसी छोटी चीजें भी सड़क पर इन खतरनाक वाहनों की संख्या को कम कर देंगी। संस्था का कहना है कि हम स्वच्छ हवा और सुरक्षित वातावरण वाले शहरों में रहना चाहते हैं। इसलिए अब केवल विरोध से काम नहीं चलेगा। अब विरोध से भी कुछ आगे करने का समय है। हमारा कोई नेता नहीं है। इसलिए अधिक से अधिक संख्या में लोगों को आंदोलन में भाग लेना चाहिए।

इन आठ देशों में हुए विरोध प्रदर्शन

द गार्जियन के अनुसार, ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ कार्यकर्ताओं ने नीदरलैंड में एम्स्टर्डम और एनस्किडे, फ्रांस में पेरिस और ल्योन, जर्मनी में बर्लिन, बॉन, एसेन, हनोवर और सारब्रुकन, ब्रिस्टल, लीड्स, लंदन और डंडी में समूहों में प्रदर्शन किए। स्वीडन में यूके, माल्मो और इंसब्रुक, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड में ज्यूरिख और विंटरथुर में और अमेरिका में न्यूयॉर्क में 900 कारों के टायर पंचर किए गए।

‘द पीपल्स मैगजीन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘द टायर एक्सटिंग्विशर’ ने मार्च 2022 से जुलाई 2022 के बीच दुनिया भर में दस हजार कारों के टायर पंक्चर करने का दावा किया है। खास बात यह है कि ‘द पीपल्स मैगजीन’ की संपादक एना काल्डेरन की कार भी पंक्चर हो गई थी। उन्हें एक संदेश भी मिला था ,”हमने आपकी कार का टायर पंक्चर कर दिया है। आप नाराज होंगे, लेकिन कृपया नाराज न हों।” इस बीच काल्डेरन ने याहू न्यूज को बताया कि टायर पंचर करने के अलावा पर्यावरण को बचाने के और भी तरीके हैं।

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