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रूस में क्यों लग रहे ‘पुतिन चोर है’ के नारे ?

रूस के राष्ट्रपति पुतिन के विरोध में प्रदर्शनकारियों की बड़ी संख्या में लोग ‘रूस आजाद होगा’ और ‘पुतिन चोर है’ जैसे नारों वाले पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

इसमें कई लोगों ने क्रेमलिन की ओर मार्च भी किया।वहीं प्रदर्शनकारी आजाद रूस के समर्थन में घंटों तक नारेबाजी करने को तैयार है। रूस में कई जगहों पर -51 डिग्री सेल्सियस के तापमान भी है और इस प्रदर्शन की व्यापकता का असर यहीं देखने को मिलता है। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि विश्व के ताकतवर शीर्ष नेताओं में शामिल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ उनके ही देश के नागरिक आज उनके विरोध में आ गए।

 

विपक्षी नेता अलेक्सी नावलनी से जुड़ा है यह पूरा मामला

 

दरअसल यह पूरा मामला जुड़ा हुआ है पुतिन के सबसे बड़े आलोचक विपक्षी नेता अलेक्सी नावलनी से। यह सारा प्रदर्शन राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे बड़े आलोचक विपक्षी नेता अलेक्सी नावलनी के समर्थन में हो रहा है।  23 जनवरी को पूरे रूस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए।

साइबेरिया में विरोध प्रदर्शनों में शामिल 350 से अधिक लोगों को हिरासत में भी लिया गया। इनमें नवालनी की पत्नी यूलिया नावलनी भी शामिल थी हालाँकि प्रदर्शनकारियों के भारी दबाव के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।

बता दें कि नावलनी को पिछले रविवार को जर्मनी से मॉस्को लौटने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी के विरोध में रूस के अलग-अलग शहरों में नावलनी के  समर्थक बड़ी संख्या में प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय अख़बारों के अनुसार अभी तक के आंकड़ों की बात करें तो प्रदर्शनों में लगभग 40,000 लोगों ने भाग लिया, हालांकि पुलिस ने इस आंकड़े को गलत बताया और कहा है कि सिर्फ 4,000 लोगों की भीड़ प्रदर्शन कर रहे हैं।

वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर-पूर्व में याकुतस्क से लेकर पश्चिम में सेंट पीटर्सबर्ग तक प्रदर्शन किया गया।  ये सभी लोग एलेक्सी नावलनी के लिए न्याय की मांग करे रहे हैं, जिसे पिछले साल जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी।

 

कौन है ‘अलेक्सी नावलनी’ ?

 

नावलनी रूस की एक राजनीतिक पार्टी के नेता हैं। ऐसा माना जाता है कि नावलनी ही वो शख्स हैं, जिनसे पुतिन को सबसे ज्यादा डर लगता है। नावलनी पुतिन को लेकर आए दिन खुलासे करते रहे हैं, जिसके कारण रूस के लोग पुतिन के खिलाफ होते जा रहे हैं। उन्होंने पुतिन और उनकी पार्टी के नेताओं पर भ्रष्टाचार को लेकर कई बड़े आरोप लगाए। पुतिन पर तो सरकारी खजाने को कुछ महिलाओं पर लुटाने का आरोप तक लगाया गया है। नावलनी को कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्हें राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने से रोकने के लिए उनपर दो बार गबन जैसे आरोप लगे हैं।  साथ ही उन्हें जान से मारने तक की कोशिश की जाती रही है। गिरफ्तारी के समय भी उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर एक डॉक्यूमेंट्री अपलोड की थी, जिसे करोड़ों लोग देख चुके हैं। इसी डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने पुतिन को लेकर खुलासे किए हैं।  जिससे रूस की जनता पुतिन से काफी गुस्से में हैं। जब नावलनी जर्मनी से अपना इलाज कराकर वापस रूस लौटे थे, तो उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था।   नावलनी को तो गिरफ्तार किया ही गया है, साथ ही उनकी डॉक्यूमेंट्री को भी हटा दिया गया। 

उनकी प्रोग्रेस पार्टी और भ्रष्टाचार निरोधक फेडरेशन पुतिन का विरोध  करती रहती है।वर्ष 2018 में जब नावलवी राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ना चाहते थे, तो रूस की एक अदालत ने उनपर रोक लगा दी थी। लेकिन उनके लाखों की संख्या में समर्थक भी हैं। बीते साल उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। ‘बैलिंगकैट’ के एक पत्रकार ने इस बात का पता लगाया कि एफएसबी के तीन एजेंट ने नावलनी को जहर दिया था। लेकिन रूस ने इन बातों को खारिज किया है। आपको बता दें कि  एफएसबी रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस है।

 

यूलिया नावलनी ने संभाला है पूरा मोर्चा

 

जेल में बंद नावलनी का पूरा मोर्चा जेल के बाहर कोई संभाल रहा है तो वो हैं उनकी पत्नी यूलिया नावलनी। जानकारों के अनुसार नावलनी की पत्नी का मानना है कि नावलनी पर मुकदमा चलाकर उन्हें दशकों तक जेल में रहने की सजा दी जा सकती है। हालांकि यूलिया ने विपक्ष को एक बार फिर देश में सक्रिय कर दिया है।

अगर उन्हें जेल में मार दिया जाता है तो उनके लाखों समर्थक दोबारा सड़कों पर उतर आयेंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह इतना आसान है कि 20 वर्षों से रूस की सत्ता में बैठे पुतिन जो वर्ष 2036 तक सत्ता में बैठने का इरादा बना चुके हैं उन्हें सत्ता से इस तरह हटाया जा सकता है?

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