[gtranslate]
world

कोरोना के जन्मदाता का पता लगाने चीन जाएगी WHO की टीम

कोरोना वायरस के खिलाफ  पूरी दुनिया में जंग जारी है। इस वायरस से लाखों लोगों की जानें जा चुकी हैं और करीब आठ करोड़ लोग इसके संक्रमण की चपेट में हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी  है कि आखिर इस  जानलेवा वायरस का जन्मदाता है कौन ?इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने घोषणा की है कि उसकी दस सदस्सीय टीम एक बार फिर से कोरोना की उत्तपति की जांच  के लिए जनवरी 2021 के पहले हफ्ते में चीन के बुहान शहर का दौरा करेगी।

डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता हेडिन हैल्डर्सन ने कहा  कि मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि एक्सपर्ट टीम जनवरी में चीन का दौरा करेंगी। जिसमें महामारी विशेषज्ञ और पशु स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हैं।

वैश्विक संगठन के वैज्ञानिक और चिकित्सा विशेषज्ञ चीन के वुहान में संदिग्ध कोरोना वायरस  की उत्पत्ति की जांच करेंगे। ज्यादातर देश इस महामारी के फैलने के लिए चीन को जिम्मेदार मानते हैं। उनका मानना है कि, इस बीमारी की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी। कोरोनो वायरस पहली बार दिसंबर 2019 में मध्य चीनी शहर वुहान में उभरा था। इससे पहले जुलाई में भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) के दो विशेषज्ञ भी जांच के लिए चीन पहुंचे थे। अब एक बार फिर टीम चीन जाने वाली है। चीन ने अपने केंद्रीय शहर से निकलने वाले वायरस की खबरों के दावों को पहले ही खारिज कर दिया है। हाल ही में, चीनी राज्य मीडिया द्वारा जारी बयान में एक शीर्ष जर्मन बायोकैमिस्ट के हवाले से कहा था कि कोरोनो वायरस वुहान में उत्पन्न नहीं हुआ है। यह दूसरे देशों द्वारा फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन के हेड टेड्रोस एडहानॉम ने कहा था कि इस वायरस के मूल स्रोत को जानना बेहद जरूरी है।

कोरोना वायरस के चलते बीजिंग को वैश्विक आलोचना का सामना करना पड़ा था। चीन पर आरोप है कि, उसने वायरस उत्पत्ति थ्योरी को बदला और दोष को बाहरी देशों  पर स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहा है। कई सिद्धांत प्रचलन में हैं । जिनमें कहा जा रहा है कि वायरस की उत्पत्ति भारतीय उपमहाद्वीप में हुई है। भारत , बांग्लादेश या सऊदी अरब, इटली या अमेरिका से वायरस दुनियाभर में फैला है।

WHO के इस ऐलान के बाद जानकार शक जाहिर कर रहे थे कि चीन इसकी इजाजत देगा या नहीं? हालांकि दुनिया भर में आलोचनाएं झेल रहा चीन इस जांच के लिए तैयार हो गया है।  चीन ने कहा है कि जनवरी 2021 में वुहान आने वाली WHO की टीम की पूरी मदद की जाएगी।

बता दें कि चीन शुरू से ही वुहान से कोरोना की उत्पत्ति की आशंकाओं को निराधार बताता रहा है। चीन ने  कहा कि वह कोरोना वायरस के उत्पत्ति स्थल का पता लगाने के वैश्विक प्रयासों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मदद करने को तैयार है।  दुनिया में महामारी फैलने को लेकर चीन इसलिए सवालों के घेरे में है क्योंकि तमाम विशेषज्ञ कोरोना वायरस का उत्पत्ति स्थल चीनी शहर वुहान को मानते हैं और उनका आरोप है कि चीन ने समय रहते इस घातक वायरस के बारे में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।  वायरस के मूल का पता लगाने में मदद करने संबंधी चीन का बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के विशेषज्ञ मध्य चीनी शहर का दौरा करने की तैयारी कर रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ के हवाले से कहा कि संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी की 10 सदस्यीय टीम कोरोना वायरस के उत्पत्ति स्थल की जांच करने जनवरी 2021  में  वुहान शहर का दौरा करेगी। इससे पहले डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता हेडिन हैल्डर्सन ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मिशन के जनवरी के पहले सप्ताह में चीन जाने की उम्मीद है।  अभी तक इस घातक वायरस से दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो चुकी है जबकि  संक्रमितों की तादात करीब आठ करोड़ तक पहुंच गई है, फिर भी लोगों को पुख्ता तौर पर यह नहीं पता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण कहां से फैला है।

WHO पर ट्रंप समेत कई देशों ने चीन के प्रति नरम  रुख अपनाने के आरोप लगाए हैं। बताया जा रहा है कि जो टीम वुहान का दौरा करेगी, उसका चुनाव भी चीन ही कर रहा है।  इसके लिए डब्लूएचओ ने विशेषज्ञों की एक सूची चीन को सौंपी थी, जिसमें उन लोगों के नाम शामिल थे जो इस मामले की जांच करेंगे।

You may also like

MERA DDDD DDD DD