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WHO का दावा : वायु प्रदूषण से हर मिनट मर रहे 13 लोग

दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी के बीच विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया । इस मौके पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक चौंकाने वाली और परेशान करने वाली जानकारी साझा की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) का कहना है कि तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण से होने वाली समस्याओं से हर मिनट 13 लोगों की मौत हो रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) ने ट्विटर पर एक बयान में कहा कि “दुनिया भर में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर और घातक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।” जिससे वायु प्रदूषण भी दुगुनी गति से बढ़ता जा रहा है। हर मिनट में कम से कम 13 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

WHO ने चेतावनी दी है कि तेल, कोयला और प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधन को जलाने से वायु प्रदूषण होता है और इसे रोकने की विशेष आवश्यकता है।

हर साल 7 मिलियन मौतें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO ) के अनुसार, वायु प्रदूषण दुनिया में मौत का प्रमुख कारण है। संगठन का कहना है कि आसपास और घरेलू वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से हर साल 7 मिलियन से अधिक लोग मारे जाते हैं।

वायु प्रदूषण से होने वाले रोग

संगठन का मानना ​​है कि शहरों में सबसे ज्यादा खतरा है। वायु प्रदूषण के प्रभाव से हर साल लाखों लोग मारे जाते हैं, कारण मुख्य रूप से स्ट्रोक, हृदय रोग, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, फेफड़ों के कैंसर और तीव्र श्वसन संक्रमण होते हैं।

दुनिया की 91 फीसदी आबादी प्रदूषण से जूझ रही है

संगठन का अनुमान है कि दुनिया की 91% आबादी उन क्षेत्रों में रहती है जहां वायु प्रदूषण का स्तर डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों से अधिक है। निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहने वाले लोग सबसे अधिक पीड़ित हैं।

शहरों में हर साल 4.2 मिलियन मौतें

शहरों में रहने वाले लोगों को वायु प्रदूषण का सबसे ज्यादा खतरा होता है। इससे शहरों में स्ट्रोक, हृदय रोग, फेफड़ों के कैंसर, तीव्र और पुरानी सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिसके परिणामस्वरूप हर साल अनुमानित 4.2 मिलियन मौतें होती हैं।

वायु प्रदूषण को रोकने के उपाय

  • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें
    उपयोग में न होने पर लाइट बंद रखें
    वस्तुओं को रीसायकल और पुन: उपयोग करें
    प्लास्टिक बैग का प्रयोग न करें
    किसी भी प्रकार के धुएं को अंदर लेने से बचें
    एसी की जगह पंखे का इस्तेमाल करें
    एक फिल्टर चिमनी का प्रयोग करें
    पटाखे फोड़ने से बचें
    रासायनिक उत्पादों का प्रयोग न करें
    ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं

घरेलू वायु प्रदूषण से हर साल 3.8 मिलियन लोगों की मौत होती है

घरेलू वायु प्रदूषण विकासशील देशों में बीमारी और समय से पहले मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। खाना पकाने के आग के धुएं के संपर्क में आने से हर साल 3.8 मिलियन लोग समय से पहले मर जाते हैं। इसमें ज्यादातर निम्न और मध्यम आय वाले देश शामिल हैं।

यह भी पढ़ें : भारत में 2005 से अब तक वायु प्रदूषण से हुई एक लाख मौतें : रिपोर्ट

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