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फिर वायरल झूठ छाया सोशल मीडिया में

जानी -मानी  ब्रिटिश-इंडियन सिंगर और रैपर हार्ड कौर की दो तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है साथ ही इसपर एक दावा भी किया जा रहा है कि ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह’ को अपशब्द कहे जाने पर किसी मोदी भक्त ने उन पर हमला कर दिया है। इन तस्वीरों में उनके चेहरे पर सूजन और चोट के निशान स्पष्ट रूप से नज़र आ रहे है।  

गौरतलब है की  रैपर हार्ड कौर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करना भारी पड़ा गया था। ट्विटर द्वारा हार्ड कौर का एकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। इस एकाउंट से वो वीडियो शेयर किया गया था, जिसमें हार्ड कौर ने दोनों के लिए बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इस वीडियो में हार्ड कौर के साथ कुछ खालिस्तान समर्थक भी खड़े नज़र आ रहे थे, जो उनकी हां में हां मिला रहे थे। लगभग 2.20 मिनट की इस क्लिप में हार्ड कौर ने पीएम मोदी और अमित शाह को चुनौती दी। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया था और ट्विटर पर हार्ड कौर दिनभर ट्रेंडिंग रही। इस वीडियो को ट्विटर पर पोस्ट करने के बाद हार्ड कौर ने इंस्टाग्राम पर अपने गाने का एक प्रमोशनल वीडियो भी पोस्ट किया था, जिसका शीर्षक वी आर वारियर्स है। इस वीडियो में भी खालिस्तान समर्थक नज़र आ रहे हैं। अब इसी घटना को जोड़ते हुए उनकी दो तस्वीरों सोशल मीडिया पर तेज़ी से शेयर की जा रही है। दक्षिणपंथी रुझान वाले लोगो द्वारा इन तस्वीरों को हार्ड कौर का मज़ाक उड़ाते हुए पोस्ट किया गया है वो लिख रहे है “हार्ड कौर जिसने सुबह मोदी और अमित शाह को गालियां दीं और हिन्दुस्तान से पंजाब को अलग करने की बातें बोलीं, शाम होते-होते किसी ‘सिरफिरे भक्त’ ने उसके चेहरे का नक्शा बदल दिया। ये ग़लत है भाई, हम इसकी कड़ी निंदा करते है। “
लेकिन इस निंदनीय पोस्ट की सच्चाई क्या है यह न जानते हुए भी इन तस्वीरो के साथ मज़ाक भरी पोस्ट की जा रही है दरअसल, ये दोनों तस्वीरें हार्ड कौर द्वारा खुद ही पोस्ट की गयी थी उन्होंने खुद अपने वेरिफाइड इंस्टाग्राम अकाउंट पर ये तस्वीरें 1 जुलाई 2019 को पोस्ट की थी साथ में यह दावा भी किया था कि भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में उनके एक सहकर्मी द्वारा साल 2017 में उनके साथ हाथापाई की गयी थी। अपनी इस पोस्ट पर उन्होंने अपने सहकर्मी का नाम बताने से इंकार कर दिया था लेकिन कुछ दिन बाद ही उन्होंने कथित उत्पीड़न का आरोप अपने सहयोगी आर्टिस्ट एमओ जोशी पर लगाया था। हालाँकि इस पर सफाई देते हुए एमओ जोशी द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट पर इस आरोप को गलत बताया गया था। 
उन्होंने अपने बचाव में दावा किया था कि “दोनों के बीच हाथापाई जैसी कोई घटना नहीं हुई थी और मुंबई की बांद्रा पुलिस भी इस मामले की जाँच कर चुकी है साथ ही जाँच के बाद पुलिस ने इस मामले में एफ़आईआर दर्ज करने से भी इनकार कर दिया था.”

यह पहली बार नहीं है जब ब्रिटेन में रहने वाली हार्ड कौर द्वारा बीजेपी नेताओं की कड़ी आलोचना की गयी हो इससे पूर्व भी इसी साल जून में हार्ड कौर के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस चीफ मोहन भागवत के ख़िलाफ़ अपशब्दों का प्रयोग करने पर देशद्रोह का मुकदमा किया गया था। इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की  धारा 124 ए, 153 ए, 500, 505 के तहत एफआईआर भी दर्ज़ करवायी गयी थी।

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