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विजय माल्या ने कहा, बैंकों का लोन चुका दूंगा पर भारत नहीं आऊंगा

विजय माल्या ने कहा, बैंकों का लोन चुका दूंगा पर भारत नहीं आऊंगा

भारत से फरार चल रहे शराब कारोबारी विजय माल्या बुधवार को लंदन के रॉयल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के सामने पेश हुए। विजय माल्या ने कोर्ट के सामने कहा, “मैं बैंकों से हाथ जोड़कर विनती करता हूं कि मूलधन का 100 प्रतिशत तुरंत वापस लें पर मैं भारत जाने के लिए तैयार नहीं हूं।”

भारत में 9000 करोड़ रूपया की मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का आरोप है। वह अपनी कंपनी के लिए लोन लिए पर वह समय पर चुका नहीं पाए। इसी तरह लोन बढ़ता गया और कुछ दिन बाद वह गुपचुप तरीके से भारत से फरार हो गए। वह अभी लंदन में है।

माल्या की वकील मार्क समर्स ने बहस शुरू करते हुए कहा, “किंग फिशर एयरलाइन ने बैंकों को जानबूझकर गलत जानकारी दी थी।”  माल्या ने आगे कहा, “प्रवर्तन निदेशालय और बैंकों ने मेरे खिलाफ शिकायत की है कि मैं उन्हें भुगतान नहीं कर रहा हूं। मैंने पीएमएलए के तहत कोई अपराध नहीं किया है कि प्रवर्तन निदेशालय को मेरी संपत्ति जब्त करनी चाहिए।”

पत्रकारों से बात करते हुए माल्या ने कहा, “मैं कह रहा हूं  कृपया बैंक आपका पैसा ले लें। लेकिन ईडी मना कर रहा है। अगर सीबीआई और ईडी तर्कसंगत तरीके से सोचे तो अलग बात है। वे पिछले चार साल से जो मेरे साथ कर रहे हैं। वह पूरी तरह गलत है।”

माल्या को भारत प्रत्यर्पण करने के मामले पर दो जजों की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। माल्या फिलहाल प्रत्यर्पण वॉरंट को लेकर जमानत पर है। माल्या के लिए यह जरूरी नहीं कि सुनवाई में हिस्सा ले। उच्च न्यायालय ने पहले दिए एक फैसले में दुनियाभर में माल्या की संपत्ति के लेन-देन पर प्रतिबंध लगाए जाने के आदेश को पलटने से इनकार कर दिया था।

भारत की अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा था कि 13 भारतीय बैंकों का समूह तकरीबन 1.145 अरब पाउंड के कर्ज की भरपाई करने के लिए अधिकार है। इसके बाद बैंकों ने संपत्ति जब्त करने के आदेश के तौर पर भरपाई की शुरू की। इसी के तहत कर्ज की भरपाई करने के लिए ब्रिटेन में माल्या की संपत्ति को जब्त करने की अपील करते हुए दिवाला याचिका दायर की थी।

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