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भुखमरी के कगार पर वेनेजुएला, बढ़ी गृहयुद्ध की आशंकाएं

भुखमरी के कगार पर वेनेजुएला, बढ़ी गृहयुद्ध की आशंकाएं

दुनिया में बढ़ती जनसंख्या और उससे उत्पन्न होने वाले संकटों को लेकर भयावाह स्थिति अभी से देखने को मिल रही  है। कई देशों में जनसंख्या विस्फोट की वजह से बड़ी-बड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं। जिसमें बेरोजगारी, भूखमरी सबसे बड़ी समस्या है। लिहाजा जनसंख्या नियंत्रण को लेकर देश- दुनिया में तमाम तरह की कोशिशें की जा रही हैं। इन सबके बीच दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला सरकार की ओर से एक बड़ा बयान आया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने एक अजीबोगरीब बयान में अपने देश की महिलाओं से कहा है कि कम से कम छह बच्चे पैदा करें। इससे देश को मजबूती मिलेगी।

मादुरो ने जन्म की विभिन्न पद्धतियों का प्रचार करने के लिए टेलीविजन पर प्रसारित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘भगवान आपको  देश के लिए छह बच्चे लड़का या लड़की पैदा करने का आशीर्वाद दें। सभी महिलाओं को कम से कम छह बच्चे पैदा करने चाहिए और देश की आबादी बढ़ानी चाहिए।’’ राष्ट्रपति का यह बयान सामने आने के बाद से इसकी आलोचना की जा रही है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं व अन्य लोगों ने इसकी आलोचना की है। लोगों का कहना है कि देश पहले ही कई समस्याओं से जूझ रहा है। अभी देश में जो भी जनसंख्या है उनको सही से भोजन, कपड़ा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

ऐसे में राष्ट्रपति की ओर से इस तरह की अपील करना बहुत ही शर्मनाक है। युवा लोगों के अधिकारों की रक्षा करने वाले एक समूह का कहना है कि देश की जनसंख्या बढ़ाने के लिए महिलाओं को छह बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित करना देश के राष्ट्रपति का गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। वो भी ऐसे देश के लिए जो बच्चों को उनकी जिंदगी की गारंटी नहीं देता है। मौजूदा समय में वेनेजुएला में कई तरह की समस्याएं हैं। आर्थिक हालात बहुत ही खराब हैं और देश गृह युद्ध जैसे हालात के दौर से गुजर रहा हंै। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, देश के आर्थिक पतन और राजनीतिक विभाजन के कारण, 2015 के बाद से 45 लाख से अधिक लोगों को वेनेजुएला से पलायन करना पड़ा है।

संयुक्त राष्ट्र के वर्ल्ड फूड प्रोगाम ने हाल ही में कहा था कि वेनेजुएला की आबादी का लगभग एक तिहाई अपने खान-पान के बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। इन सबके बीच दो बच्चों की मां मैग्डेलेना डी मचाडो का कहना है कि हमसे छह बच्चे पैदा करने की बात कहना सरासर गलत है। हम जरूरत से कम ही खाना खरीद पाते हैं। डी मचाडो की तरह ही अन्य महिलाओं का भी सरकार से सवाल है कि देश की गिरती स्वास्थ्य सेवाओं के बीच महिलाओं  से ज्यादा बच्चे पैदा करने की उम्मीद आखिर कैसे की जा सकती है? ऐसे में राष्ट्रपति की ओर से जनसंख्या बढ़ाने की अपील करना किस हद तक सही है, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

एक ओर भारत और चीन जैसे देश जहां अत्यधिक जनसंख्या के दबाव से जूझ रहे हैं, वहीं वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने मुल्क की महिलाओं से कम से कम छह बच्चे पैदा करने की अपील की है। दरअसल, वेनेजुएला में हाल के वर्षों में आर्थिक संकट के चलते लाखों लोग विस्थापित हो गए हैं। इससे देश कई मुश्किलों से जूझ रहा है। यही कारण है कि मादुरो ने वेनेजुएला को मजबूत बनाने के लिए यह अपील की है। सियासी उठापटक से जूझ रहे इस देश से करीब 45 लाख लोग पलायन कर गए हैं। करीब तीन करोड़ की आबादी वाले देश में 93 लाख लोग दो वक्त का भोजन भी नहीं जुटा पाते हैं।

इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मुदरो पर निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा कि मदुरो एक भ्रष्ट और क्रूर तानाशाह हैं। ट्रंप ने कहा कि निकोलस ने अपने देश को कम्युनिस्ट शासित क्यूबा को सौंप दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साथ ही आरोप लगाया कि तेल समृद्ध देश में अंततः शांतिपूर्ण परिवर्तन अवश्य होगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने वार्षिक संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर वेनेजुएला के विपक्षी सदस्यों के साथ एक मुलाकात के दौरान यह कहा। इस बैठक में मदुरो का विरोध करने वाले और नेशनल असेंबली के नेता जुआन गुआइदो को देश के वैध नेता के रूप में मान्यता देने वाले पश्चिमी गोलार्ध के कई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इस दौरान ट्रंप ने कहा, ‘हम वेनेजुएला के लोगों के साथ तब तक हर दिन खड़े रहेंगे जब तक कि उन्हें इस भयानक और क्रूर उत्पीड़न से मुक्ति नहीं मिल जाती।’ उन्होंने कहा, ‘उन्हें आखिरकार मुक्ति मिलेगी।

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