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योवेरी मुसेवेनी फिर बने युगांडा के राष्ट्रपति, 35 सालों से हैं सत्ता पर काबिज

युगांड़ा में पिछले कई सालों से लोगों को एक ही राष्ट्रपति का नाम याद है, वो है योवेरी मुसेवेनी। एक बार फिर वह देश की सत्ता की कुर्सी पर बैठ गए है। हाल ही में हुए चुनावों में फिर योवेरी मुसेवेनी ने जीत दर्ज की है। इस बार उनका मुकाबला युगांडा के पॉप सिंगर बॉबी वाइन से था। इस दिग्गज नेता को शनिवार को युगांडा के राष्ट्रपति चुनाव का विजेता घोषित किया गया, जो दुनिया के सबसे लंबे समय तक सेवारत नेताओं के बीच अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। योवेरी मुसेवेनी एक बार फिर युगांडा के राष्ट्रपति बन गए है।

विपक्ष द्वारा खारिज किए गए नतीजों के बाद वर्षों से खूनी अभियानों में से एक ने नवंबर में कम से 54 लोगों की हत्या कर दी क्योंकि सुरक्षा बलों ने हिंसक रूप से विपक्ष के विरोध को तोड़ दिया था। इस बीच विपक्ष के लोगों को बार-बार परेशान किया गया और गिरफ्तार किया गया, जबकि मीडिया के सदस्य भी हमले की चपेट में आ गए। मुख्य विपक्षी नेता बोबी वाइन ने चुनावी प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाया है लेकिन  मुसेवेनी ने शनिवार को राष्ट्र के नाम एक टीवी संबोधन में कहा कि गुरुवार के चुनाव 1962 में यूनाइटेड किंगडम से आजादी के बाद से युगांडा में धोखाधड़ी मुक्त चुनाव हुए है। 26 जनवरी 1986 को मुसेवेनी की नेशनल रेसिस्टेंस सेना ने देश को आज़ाद कराया और बेवजह के युद्ध और मौतों का दौर ख़त्म कर दिया। पॉप सिंगर बॉबी वाइन युगाड़ा के नौजवानों की पहली पंसद बना हुआ है। एक तरफ नौजवान सिंगर, दूसरी तरफ सत्ता पर पिछले 35 साल से राज करने वाला और दो तानाशाहों को शिकस्त करने वाला मंझा हुआ राजनेता। मुसेवेनी से अपने देशवासियों से वादा किया था कि वह देश में लोकतंत्र लाएंगे, लोकतंत्र तो युगाड़ा में नहीं आया, लेकिन एक और तानाशाह मिल गया। मुसेविनी पर आरोप है कि उसने संविधान में हेर-फेर करके अजेय रहने का रास्ता साफ कर लिया है। 6.8 मिलियन मतपत्रों की गिनती के साथ, या 37 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं के साथ, योवेरी मुसेवेनी ने 4.05 मिलियन, या 62.2 प्रतिशत मत प्राप्त किए थे जबकि मुख्य विपक्षी उम्मीदवार वाइन ने 1.99 मिलियन वोट (30.6 प्रतिशत) प्राप्त किए थे।

मतगणना के दिन बॉबी वाइन ने ट्वीट कर कहा था कि मेरे घर और आसपास का नेटवर्क बंद कर दिया गया है, ना ही कहीं फोन कर पा रहा हूं और न ही कोई फोन, मैसेज रिसीव कर पा रहा हूं। यूवेरी मुसेविनी ने ईदी अमीन और मिल्टन ओबोटे को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया था। 1986 में मुसेवेनी युगांडा के नौवें राष्ट्रपति बने। 1996 में उन्होंने पहली बार चुनाव जीता था। 2001 में दोबारा जीते। बतौर संविधान, ये उनका अंतिम कार्यकाल होता। एक राष्ट्रपति के लिए दो टर्म की लिमिट थी, लेकिन योवेरी मुसेवेनी ने संविधान में संशोधन करके लिमिट हटा दी थी। सितंबर, 2019 में उनकी उम्र 75 साल हो जाती। इसके बाद वो राष्ट्रपति पद पर नहीं रह सकते थे। 2017 में उन्होंने इसे भी खत्म कर दिया। अब अधिकतम उम्र की सीमा खत्म हो चुकी है। सत्ता में अपने वर्षों के बारे में बोलते हुए, 2017 में अल जजीरा को दिए एक साक्षात्कार में मुसेवेंनी ने कहा था, इस समय के दौरान, हम शून्य से शुरू करने में सक्षम थे, जहां अब हम हैं, हम अपने आप से काम करने में सक्षम हैं। योवेरी मुसेवेनी ने 1960 के दशक में तंजानिया के दार-ए-सलाम विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया था, जब संस्था ने उपनिवेशवादियों विरोधी के लिए एक तरह के क्रांतिकारी फिनिशिंग स्कूल के रूप में काम किया।

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