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ट्रंप को किम से उम्मीदें

अमेरिका की भरपूर कोशिश है कि उत्तर कोरिया जल्दी ही अपने परमाणु हथियार खत्म कर दे। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच मुलाकात का सिलसिला जारी है। पिछले आठ महीने के दौरान ही दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष दूसरी बार मुलाकात कर चुके हैं। इस मुलाकात के सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं।
इस बार की मुलाकात में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग ने बेहद उत्साह दिखाया। दोनों नेताओं ने साथ में डिनर भी किया। ट्रंप और किम ने हनोई के मेट्रोपोल होटल में मुलाकात की। किम ने बेहतर नतीजे हासिल करने के लिए अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करने के लिए कहा। मुलाकात के बाद दोनों नेता साथ में पैदल भी चले। किम ने ट्रंप को विश्वास दिलाया कि अगर मैं परमाणु हथियार खत्म नहीं करना चाहता तो यहां (हनोई में) नहीं होता।
हनोई रवाना होते वक्त ट्रंप ने ट्वीट कर किम के साथ बातचीत सफल होने की बात कही। ट्रंप ने यह भी कहा कि पूरी तरह से परमाणु हथियार खत्म करने के बाद उत्तर कोरिया तेजी से आर्थिक शक्ति का केंद्र बन जाएगा। मुझे उम्मीद है किम समझदारी भरा फैसला लेंगे। 12 जून 2018 को ट्रंप के साथ पहली ऐतिहासिक मुलाकात के बाद उत्तर कोरिया ने कोई बैलिस्टिक मिसाइल-परमाणु परीक्षण नहीं किया है। इससे पहले किम जोंग हाइड्रोजन समेत 6 परमाणु परीक्षण कर चुके थे।
दोनों नेताओं के बीच पिछले साल 12 जून को सिंगापुर में पहली बार बातचीत हुई थी। 47 साल पहले अमेरिका ने हनोई पर थाईलैंड के यू-तपाओ और गुआम के एंडरसन एयरबेस से दो बी-52 लड़ाकू विमानों से बम गिराए थे। हनोई उस वक्त उत्तर वियतनाम की राजधानी हुआ करती थी और उसे दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली जगह माना जाता था। 1954 में हनोई में महज 43 हजार लोग रहा करते थे और यह 152 वर्ग किमी में बसा था। आज हनोई तीन हजार वर्ग किमी हो चुका है और आबादी 70 लाख से ज्यादा है। हनोई विकास की कहानी खुद बयां करता है। यहां गगनचुंबी इमारतें, हर जगह लक-दक दुकानें और रेस्त्रां हैं।
हनोई रवाना होते वक्त ट्रंप ने ट्वीट कर किम के साथ बातचीत सफल होने की बात कही थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि मैं किसी को टेस्ट करने नहीं जा रहा हूं। मुलाकात से पहले ट्रंप ने किम को अपना दोस्त बताते हुए कहा कि उत्तर कोरिया के पास महान बनने का मौका है। ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।

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