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नोबल पुरस्कार जीतने वाली पहली अश्वेत लेखिका टोनी मारीसन का निधन

दुनिया की पहली नोबल पुरस्कार विजेता अश्वेत महिला टोनी मारीसन का निधन हो गया है। वो 88 साल की थीं। न्यूयार्क के मान्टेफियारे मेडिकल सेंटर में इलाज के बाद उनका निधन हो गया। वे 1993 में साहित्य के लिए नोबल पुरस्कार मिला था। इसके बाद ‘उपन्यास’, ‘बीलव्ड’ के लिए उन्हें 1988 में पुलित्जर पुरस्कार भी मिला था। इस उपन्यास में एक मां की कहानी थी जो जिस्मफरोशी के धंधे से बचाने के लिए अपनी बेटी का कत्ल कर देती है।

माॅरीसन का करियर करीब 6 साल लंबा रहा। इसे 11 उपन्यास, पांच बाल साहित्य, दो नाटक, एक गीत और एक ओपेरा लिखा था। वो एक संपादक और प्रोफेसर भी रही थीं। अश्वेत होने के चलते अपने करियर की शुरूआत में उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ा था। मारीसन ओहायो के लारियान कस्बे में 1931 में पैदा हुई थीं। उनके परिवार को भारी नस्लभेद का सामना करना पड़ा था। उसके परिवार के सामने कई लोगों की लिंचिंग तक कर दी गई थी। इन सब घटनाओं का मारीसन के जीवन पर बड़ा प्रभाव रहा।
ग्रेजुएशन की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने अपना टीचिंग करियर शुरू किया। वह दक्षिणी टैक्सस यूनिवर्सिटी में पढ़ाने लगीं। इसी के बाद उन्होंने अपना पहला उपन्यास दा ‘ब्लूएस्ट आई’ लिखा। अश्वेत लड़की की कहानी थी जो गोरे रंग के प्रति आकर्षण के चलते अपनी आंखों का रंग नीला करवा लेती है। एक डाक्यूमेंट्री में उन्होंने कहा कि उनकी पूरी कोशिश रही कि उनके साहित्य में गौर वर्ण के लोग कहीं भी हावी ना हो सकें।

करियर आगे बढ़ता चला। किताबों को पढ़ा जाने लगा और वो एक जानी मानी साहित्यकार के रूप में स्थापित हो गईं। नोबल सहित कई जाने माने पुरस्कार मिले। 1998 में टाइम मैग्जीन ने उन्हें अपने कवर पर जगह दी। 2008 में माॅरीसन ने राजनीतिक रूप से पहली बार पक्ष लेते हुए बराक ओबामा का राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन किया था। चार साल बाद उन्हें अमेरिका का सर्वोच्च सम्मान प्रेसिडेंशियल मेडल फाॅर फ्रीडम मिला था। इसी साल उनके 45 वर्षीय बेटे की मौत कैंसर के चलते हो गई थी।

मारीसन अपना उपन्यास होम लिख रहीं थीं। लेकिन बेटे की मौत के गम के चलते वो उसे कभी पूरा नहीं कर सकीं। प्रेसिडेंशियल मेडल मिलने के बाद भी वो सक्रिय रहीं और अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय प्रकट करती रहती थीं। अश्वेत होने के चलते उनके साथ खूब भेदभाव हुआ। लेकिन उन्होंने इन भेदभाव की कहानियों को अपनी लेखनी में उतारा। उनका लिखा हुआ साॅन्ग आॅफ सोलोमन भी खासा प्रसिद्ध था। टोनी के मुताबिक ये गाना उन्होंने अपने परिवार में सुना था जो उन्हें खासा पसंद था। इसी गाने को उन्होंने याद किया और लिखा जो खासा लोकप्रिय हुआ।

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