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चीन में कोरोना वायरस की सच्चाई बताने वाले हो रहे हैं गायब

चीन में कोरोना वायरस की सच्चाई बताने वाले हो रहे हैं गायब

चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस अब चीन के लिए चुनौती बन चुका है। चीन समेत कई देश इसकी चपेट में हैं। कोरोना वायरस की इस महामारी से निपटने के लिए अब चीन की सरकार भी नाकाम नजर आ रही है। चीन के तमाम उपाय और दावों के बाद भी वायरस का संक्रमण तो बढ़ ही रहा है। साथ ही इससे मरने वालों की संख्या भी दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।

10 फरवरी को इसकी चपेट में आकर मरने वालों का आंकड़ा 900 के पार हो गया। केवल रविवार, 9 फरवरी को ही इसकी वजह से 97 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि इससे संक्रमित लोगों के 3062 मामले सामने आए हैं। इसी बीच अब चीन से खबरें आ रही है कि चीन सरकार कोरोना वायरस से जुड़े मामले कम बताकर असलियत छिपाने में लगी हुई है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि चीन में वायरस से संक्रमित मामले और मौतों का आंकड़ा कई ज्यादा है। लेकिन सरकार जानबूझकर गलत आंकड़े बता रही है।इसके साथ ही जो लोग सच्चाई बताने के लिए आगे आते हैं। उन्हें भी चीन सरकार गायब करवा देती है।

सबसे पहली बार कोरोना वायरस को लेकर डॉ. ली वेनलियांग ने जानकारी दी थी। पिछले हफ्ते कोरोना वायरस की जानकारी देने वाले इस डॉक्टर की भी मौत हो गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि अब इस वायरस और इसके संक्रमण का पता लगाने वाला एक चीनी पत्रकार भी गायब है। गायब हुए इस पत्रकार का नाम चेन कुशी है। पत्रकार के गायब होने के बाद चीन की सरकार पर संदेह जताया जाने लगा हैं कि वह उन सबको गायब करवा रही है। जो वायरस से जुड़ी कोई सच्चाई बताते हैं।

चेन कुशी एक चीनी पत्रकार है। वह चीन के वुहान शहर से कोरोना वायरस को लेकर रिपोर्टिंग कर रहे थे। वुहान ही वायरस का केंद्र था जहां से यह चीन में फैला है। जिसके बाद से ही चेन कुशी गायब है। लोगों का कहना है कि कोरोना वायरस की सच्चाई को छिपाया जा रहा है उन्हें सच्चाई बोलने से रोका जा रहा है। सबसे पहले कोरोना वायरस की जानकारी देने वाले डॉक्टर की मौत के बाद से ही चीन के लोग आक्रोश में है। डॉक्टर ली का कहना था कि उन्हें सच्चाई बताने पर डराया-धमकाया जा रहा था। पत्रकार चेन कुशी के गायब होने के बाद लोगों का संदेह अब और बढ़ गया है।

चेन कुशी के परिवार वाले चिंतित है। उन्होंने बताया कि हमने पुलिस से संपर्क किया है। जिसपर पुलिस का कहना है कि चेन कुशी को संक्रमण से बचाने के लिए अलग रखा गया है। लेकिन चेन के दोस्तों और रिश्तेदारों ने बताया कि संक्रमण के बहाने चेन को हिरासत में रखा गया है। चेन कुशी की रिहाई को लेकर चीनी सोशल मीडिया पर भी मांग की जा रही है।

चीन के चेन कुशी पत्रकार का गायब होना अब एक संवेदनशील बन गया है। लोग सोशल मीडिया पर सामने आ रहे है और उसके लिए फिक्रमंद है। लोगों का कहना है कि सुपरहीरो आसमान से नहीं टपकता वो भी आम आदमी होता है। जो लोगों की भलाई के बारे में सोचता है। चेन भी उन्हीं में से एक हैं। चीन के लोगों की नजरो में चेन अब हीरो बन गया है। लोग कह रहे हैं चेन कुशी उनका हीरो है और वो गायब है।

चेन कुशी के सोशल मीडिया अकाउंट को डिलीट कर दिया गया है लेकिन चेन कुशी चीन की सोशल मीडिया में काफी पॉपुलर है। वीबीवो पर उनके 7 लाख 40 हजार फॉलोवर्स थे। सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट होने के बाद उन्होंने अक्टूबर में यूट्यूब के जरिए वीडियो अपलोड करने शुरू कर दिए। यूट्यूब पर उनेक चैंनल के 4 लाख 33 हजार सब्सक्राइबर बन गए। ट्वीटर अकाउंट को 2 लाख 46 हजार लोग फॉलो करते है। जबकि दोनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म चीन में बैन हैं।

चेन कुशी ने इससे पहले भी हांगकांग में हुए विरोध-प्रदर्शन को कवर किया था। चेन कुशी ने एक वीडियो में कहा था कि बोलने की आजादी हर नागरिक का अधिकार है। चीन के संविधान के आर्टिकल 35 उनको यह अधिकार देता है। उन्होंने वीडियो में यह भी कहा कि मुझपर कितना भी दबाव पड़े मैं सच के लिए लड़ता रहूंगा। एक और वीडियो में उसने कहा था कि वह अपने कैमरे के सहारे वुहान की असली तस्वीर दुनिया के सामने लाएगा।

चेन का कहना था कि उसका मकसद केवल सच को सामने लाना है। एक वीडियो में उन्होंने बताया कि चीन प्रशासन उन्हें अफवाह फैलाने वाला बता रही है। लेकिन वे सब हेल्थ वर्कर हैं। ये सब लोग संक्रमण को फैलने से रोकने का काम कर रहे थे। इस बारे में चेतावनी जारी कर रहे थे। डॉ. ली वेनलियांग जिनकी मौत हो चुकी है उन्हीं 8 लोगों में से एक थे।

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