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चीन की यह ट्रेन जमीन पर भरेगी रफ़्तार, लेकिन तैरेगी हवा में

जहां एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना वायरस से उबर भी नहीं पाई है। वहीं दूसरी तरफ चीन दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता जा रहा है। वैसे तो चीन विश्वभर में अपने कृत्यों से बदनाम है। लेकिन इस बार उसने रेल टेक्नोलॉजी में एक नई मिसाल स्थापित की है। दरअसल, चीन द्वारा हाल ही में एक ऐसी नई हाई स्पीड ट्रेन का डिज़ाइन लॉन्च किया गया है। जो रफ़्तार तो जमीन पर भरेगी, लेकिन तैरेगी हवा में। इतना ही नहीं, 3 से 10 सालों में शोधकर्ता इस ट्रेन की स्पीड को ऑपरेशनल यानी चालू करने के समय स्पीड को 800 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की तैयारी लगे हैं। चीन की ये नई हाई-स्पीड ट्रेन 620 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ़्तार से उड़ेगी।

सबसे अनोखी और दिलचस्प बात तो यह है कि इस ट्रेन में पहिए नहीं हैं। दक्षिण-पश्चिम जियोओतोंग विश्वविद्यालय (Southwest Jiaotong University) के वैज्ञानिकों ने इस चौंकाने वाली ट्रेन को तैयार किया है।

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उच्च तापमान की सुपरकंडक्टिंग तकनीक के माध्यम से वैज्ञानिकों ने मैग्नेटिक लेविएशन ट्रेन (Magnetic Leviation Train) को विकसित किया है जो बेहद हैरान करता है। एचटीएस तकनीक मैग्नेट का उपयोग करती है जोकि इस द इंडिपेंडेंट के अनुसार ट्रैक के उपर होवर करने की अनुमति देती है। इससे ऐसा प्रतीत होता है जैसे ट्रेन पटरियों पर तैर रही हो। वहीं, यह तेज रफतार के साथ घर्षण रहित यात्रा मुहैया कराएगी।

हाल ही में चीन के वैज्ञानिकों द्वारा 69 फुट के प्रोटोटाइप यानी डिजाइन का चेंग्दू में अनावरण किया गया। इस दौरान ट्रेन को धीरे धीरे ट्रैक पर फ्लोटिंग करते हुए देखा गया। चीन की समाचार एजेंसी ‘सिन्हुआ न्यूज’ ने अपने ऑफिशियल ट्वीटर हैंडल पर प्रोटोटाइप की फुटेज साझा की है।

सीजीटीएन की रिपोर्ट के अनुसार, देश में एचटीएस टैक्नाॅलोजी के विकास में ‘फ्लोटिंग’ ट्रेन की शुरूआत ‘शून्य से एक’ के रूप में की गई है।

माना जा रहा है कि अपने शहरों में तेजी से लिंक बनाने के लिये चीन नई मैग्लेव ट्रेन (Maglev Train) को बड़ा नेटवर्क बनाने के प्रयास में जुटा है। वैज्ञानिकों ने अभी जहां अभी इस ट्रेन को 620 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ाने का डिजाइन तैयार किया हैं इस ट्रेन से लंदन और पेरिस के बीच की यात्रा के सफर का समय को 47 मिनट तक कम हो जाएगा। अभी से ही उसको ट्रेन ऑपरेशनल के समय तक और कम करने के लिये 800 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार पर करने का काम शुरू कर दिया गया है।

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