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फिर सताने लगा विश्वयुद्ध का डर

रूस-यूक्रेन की जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने धमकी दी है कि अगर यूक्रेन ने रूस के शहरों और एटमी ठिकानों को निशाना बनाया तो आगे अंजाम भयानक होगा। इस युद्ध को लेकर कई बड़ी जानकारियां सामने आ रही हैं, जहां एक तरफ अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि वह रूस के खिलाफ सीधे जंग के मैदान में नहीं उतरेगा, वहीं इस जंग में बेलारूस की एंट्री से दुनिया के तमाम देशों को तीसरे विश्व युद्ध का डर सताने लगा है

बीते आठ महीनों से जारी रूस और यूक्रेन की जंग खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव समेत 9 शहरों पर करीब 83 मिसाइलें दागी हैं। इस दौरान दर्जनों लोग मारे गए और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक अगर यूक्रेन ने रूस के शहरों और एटमी ठिकानों को निशाना बनाया तो आगे अंजाम भयानक होगा। ऐसे में दुनियाभर के तमाम देशों को तीसरे विश्व युद्ध का डर सताने लगा है। इसी बीच इस युद्ध को लेकर कई बड़ी  जानकारियां सामने आई हैं, जहां एक तरफ अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि वह रूस के खिलाफ सीधे जंग के मैदान में नहीं उतरने वाला है, वहीं बेलारूस जंग के मैदान में कूद चुका है। बेलारूस ने अपनी सेना को यूक्रेन बॉर्डर पर तैनात कर दिया है, जहां पहले से ही हजारों रूसी सैनिक मौजूद हैं। दरअसल रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में ब्रिज पर ट्रक ब्लास्ट ने पुतिन का पारा इतना बढ़ा दिया है कि बीते 10 अक्टूबर को यूक्रेन पर सबसे बड़ी एयर स्ट्राइक हो गई।

एक के बाद एक कई रूसी मिसाइलों का रुख यूक्रेन की तरफ मुड़ गया। उधर बेलारूस के जंग में कूदने से अमेरिका और यूरोप को डर लगने लगा है कि कहीं पुतिन यूक्रेन पर केमिकल या न्यूक्लियर अटैक न कर दें। इतिहासकारों का भी मानना है कि व्लादिमीर पुतिन अमेरिका और नाटो से सीधे भिड़ने से डरते हैं। इसलिए वे बेलारूस के जरिए यूक्रेन पर परमाणु हमला करेंगे। क्योंकि इससे रूस को सीधे हमले का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकेगा। इसी बीच जी-7 देशों की बैठक में रूस को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई है।

जी-7 देशों को भी परमाणु हमले का डर
दुनिया की 7 बड़ी इकॉनमी वाले देशों के संगठन जी-7 को भी कुछ ऐसा ही लगता है। जी-7 की ताजा आपात बैठक में रूस को धमकी दी गई कि अगर यूक्रेन पर केमिकल, बायोलॉजिकल या न्यूक्लियर अटैक हुआ तो रूस को बहुत बुरे अंजाम भुगतने पड़ेंगे। इस बैठक से यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी जुड़े थे। जेलेंस्की ने जी-7 देशों से विनाशकारी हथियारों की डिमांड की है। इन देशों ने यूक्रेन को मदद का भरोसा दिया है, लेकिन न्यूक्लियर अटैक को लेकर इन सात बड़े देशों का डर बता रहा है कि अब पुतिन कुछ भी कर सकते हैं।

जंग में कूदा बेलारूस
यूक्रेन-रूस की जंग में बेलारूस के कूदने से माहौल और भी ज्यादा गर्म हो चुका है। बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने अपने टॉप मिलिट्री कमांडर्स के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। मीटिंग के बाद लुकाशेंको ने जो कहा उससे यूरोप में महायुद्ध का खतरा पैदा हो गया है। लुकाशेंको ने कहा कि हमें पता चला है कि यूक्रेन बेलारूस पर हमला करने वाला है। इसलिए हमने अपनी सेना को यूक्रेन बॉर्डर पर रूसी सेना के साथ तैनात करने का फैसला किया है। हम रूसी सेना को बेस कैंप बनाने और जंगी तैयारी करने के लिए अपनी जमीन देंगे।

‘नाटो’ ने दी धमकी

इस बयान का सीधा मतलब है कि अब यूक्रेन 2 फ्रंट वॉर से घिर चुका है। रूस के साथ बेलारूस भी यूक्रेन को दहलाने की प्लानिंग कर रहा है। लुकाशेंको के इस जंगी बयान के बाद 30 देशों का संगठन ‘नाटो’ भी भड़क गया है। ‘नाटो’ ने कहा है कि वह यूक्रेन को हथियारों की मदद जारी रखेगा और जो कोई ‘नाटो’ से भिड़ेगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

दरअसल, बेलारूस का बॉर्डर लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड से लगता है। ये तीनों ही ‘नाटो’ देश हैं। मुमकिन है कि लुकाशेंको को डराने के लिए ‘नाटो’ इन 3 देशों में एक बड़ी मिलिट्री डील जल्द कर सकता है। ‘नाटो’ चीफ स्टोल्टेनबर्ग ने भी अपने ताजे बयान में कहा है कि ‘नाटो’ अगले हफ्ते न्यूक्लियर डील करेगा जिसे कोई नहीं रोक सकता। इसी बीच खबर है कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोवान की मुलाकात हो सकती है। दोनों कजाकिस्तान में मिल सकते हैं। कहा जा रहा है कि इस बैठक में पश्चिमी देशों के साथ वार्ता के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते यूक्रेन ने रूस का कर्च ब्रिज उड़ा दिया था। इसके 48 घंटे बाद रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर 84 मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया। ये हमले तब किए गए जिस वक्त यूक्रेन के लोग अपने घरों में या तो आराम कर रहे थे या मर्थिंनग वॉक पर थे। कहा जा रहा है कि रूसी हमले के जवाब में यूक्रेन ने अपने सशस्त्र बलों को और मजबूत करने की कसम खाई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि हम अपने बलों को मजबूत करने के लिए कुछ भी करेंगे और अपने दुश्मन के लिए युद्ध का मैदान और भी दर्दनाक बना देंगे। इन हमलों से अचानक शहरों पर मिसाइलें गिरने से हजारों लोगों को एक बार फिर बम आश्रयों में भागने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

ऐसी स्थितियों ने एक बार फिर दुनिया के मुल्कों की चिंता बढ़ा दी है। रूसी हमलों में अब तक यूक्रेन के सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों बिलि्ंडग मलबे में तब्दील हो गई हैं। शहर जल रहे हैं, यूक्रेनी जनता बंकरों में शरण लेने को विवश है। दुनिया इस खौफ में है कि इस हमले का बदला लेने के लिए पुतिन परमाणु हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ न कर दें। इस युद्ध का जो मौजूदा हाल है इसे देख कहा जा रहा है कि यह तीसरे विश्व युद्ध की तरफ ले जा रही है।

इसको लेकर कई वैश्विक नेताओं ने भी आशंका जाहिर की है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से होने वाले खतरे पर चेतावनी दी है। ट्रंप ने परमाणु युद्ध को लेकर कहा कि दुनिया में कुछ नहीं बचेगा, यह सब उन अहंकारी लोगों की वजह से होगा, उन्हें नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध को शांति से थामने के लिए हमें तुरंत वार्ता की अपील करनी चाहिए, नहीं तो यह सब तीसरे विश्वयुद्ध के साथ खत्म होगा।

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