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प्रतिबंध बढ़ाए तो देश में मौजूद अमेरिकी बेस होंगे बंद : तुर्की

अमेरिका की ओर से तुर्की पर लगाए कड़े प्रतिबंधों पर राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कड़ी आपत्ति जताई है। तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा कहा गया कि अब अगर अमेरिका तुर्की पर और प्रतिबंध लगाता है, तो वे देश में मौजूद अमेरिका के इनसर्लिक एयरबेस को बंद कर सकते हैं। साथ ही एर्दोगन द्वारा अमेरिका को यह भी धमकी दी गई है कि अगर प्रतिबंध जारी रहे तो मलाक्या प्रांत के अदाना में मौजूद कुरेसिच रडार स्टेशन को भी  बंद कर दिया जाएगा। इस बेस में अमेरिकी सेना के अहम रडार लगे हुए हैं। यह रडार अमेरिका और नाटो संगठन के देशों को मिसाइल लॉन्च की जानकारी देते हैं।
अमेरिकी संसद के उच्च सदन (सीनेट) द्वारा हाल ही में 100 साल पहले हुए अर्मेनियन नरसंहार को लेकर भी एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें इस नरसंहार की निंदा की गई थी। अर्मेनियन नरसंहार 24 अप्रैल 1915 से शूरू हुआ, जब ऑटोमान (मौजूदा तुर्की) सरकार ने यहां करीब 15 लाख अल्पसंख्यकों की क्रूर हत्याएं करवाईं थी। इस नरसंहार को जर्मनी में नाजियों द्वारा यहूदियों की हत्या के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नरसंहार माना जाता है। अमेरिकी सीनेट ने इसे नरसंहार के बजाय अर्मेनियाई नागरिकों का सामूहिक हत्याकांड बताया है।
तो वहीं तुर्की द्वारा इस प्रस्ताव की निंदा की गई थी, कहा गया था कि यह प्रस्ताव दोनों देशों के बीच कड़वाहट का कारण बन सकता है। अमेरिका इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।

 दो महीने पहले जब तुर्की ने सीरिया में कुर्द विद्रोहियों के खिलाफ ऑपरेशन का ऐलान किया, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने तुर्की को धमकी देते हुए कहा था कि वह तुर्की की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देंगे। कुर्दों ने अमेरिका के साथ मिलकर चरमपंथी इस्लामी संगठन आईएस को हराने में मदद की थी। ट्रंप ने एर्दोगन सरकार पर प्रतिबंधों का भी ऐलान किया।

हालांकि, बाद में तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को समाप्त कर दिया था। ट्रंप ने उनसे सीरिया को लेकर समझौते की अपील की थी। इसके अलावा रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए भी तुर्की पर काट्सा कानून के तहत कुछ प्रतिबंध लग चुके हैं।

 अमेरिका ने पिछले महीने कहा था कि अगर तुर्की ने एस-400 प्रणाली सक्रिय नहीं की तो उसे 2017 के कानून के तहत प्रतिबंधों से मुक्त कर दिया जाएगा। तुर्की का रूस से सौदा और जुलाई में इस प्रणाली की आपूर्ति नाटो सहयोगियों तुर्की और अमेरिका के बीच तनाव का एक प्रमुख कारण है। सीएएटीएसए नाम का अमेरिकी कानून रूस से हथियारों की खरीद पर पाबंदी लगाने का अधिकार देता है। इस खरीद के परिणामस्वरूप तुर्की को एफ-35 युद्धक विमान कार्यक्रम से भी हटा दिया गया था।

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