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टेरीजा बनी रहेंगी प्रधानमंत्री

ब्रिटेन में राजनीतिक अस्थिरता की संभावना टल गई है। प्रधानमंत्री टेरीजा मे के खिलाफ संसद में लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। विरोधी दल लेबर पार्टी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई थी। क्योंकि एक दिन पहले ही ब्रेक्सिट डील पर प्रधानमंत्री टेरीजा की योजना संसद में भारी मतों से गिर गया था। प्रधानमंत्री विपक्षियों का अविश्वास प्रस्ताव बहुत ही कम अंतर से गिरा पाने में सफल हुईं। मतदान में 325 सांसदों ने सरकार का साथ दिया और 306 सांसदों ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस तरह प्रधानमंत्री टेरीजा मात्र 19 मतों से अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहीं।
प्रधानमंत्री टेरीजा ने यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के बारे में यूरोपीय अधिकारियों के साथ जो समझौता किया था, उसे लेकर वो मंज़ूरी दिलवाने 15 जनवरी को संसद में गईं, लेकिन संसद ने उसे एक सिरे से खारिज कर दिया था। ब्रेक्सिट डील यानी यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने की ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीजा मे की योजना। टेरीजा मे की योजना को 432 सांसदों ने खारिज किया था और उन्हें केवल 202 सांसदों का समर्थन मिल सका। यहां तक कि खुद टेरीजा मे की कंजर्वेटिव पार्टी के 118 सांसदों ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर इस डील के खिलाफ वोट दिया। किसी बिल या मसौदे पर ये किसी भी मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ी हार बतायी जाती है। लेकिन ये भी सच है कि विपक्षी लेबर पार्टी के तीन सांसदों ने डील का समर्थन किया था। ब्रेक्सिट डील भारी मतों से गिर जाने के बाद ही लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बेन ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर संसद में आए।
उन्होंने कहा कि टेरीजा मे की सरकार संसद में अपना विश्वास खो चुकी है। कोर्बेन ने अविश्वास प्रस्ताव संसद में रखते समय भी यही कहा। 16 जनवरी को ब्रितानी संसद में छह घंटों तक अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हुई। बहस के बाद वोटिंग कराई गई। लेकिन टेरीजा मे की अपनी पार्टी के बागी सांसद (जिन्होंने ब्रेक्सिट डील के खिलाफ वोट दिया था) और डीयूपी के सांसद जिन्होंने सिर्फ़ 24 घंटे पहले टेरीजा मे के ब्रेक्सिट डील के विरोध में वोट किया था, 16 जनवरी को उन सांसदों ने सरकार से समर्थन में वोट डाला।
इसी वजह से टेरीजा मे केवल 19 वोटों के अंतर से अपनी सरकार बचाने में कामयाब रहीं। अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद प्रधानमंत्री मे ने संसद को संबोधित करते हुए कहा, ‘यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए हुए जनमत संग्रह के नतीजों का पालन करने और इस देश की जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए मैं काम करती रहूंगी।’ उन्होंने सभी पार्टी के नेताओं से अपील की कि वो उनसे मिलकर ब्रेक्सिट के लिए आगे का रास्ता तलाशने में उनकी मदद करें। उनका कहना था, ‘हमें ऐसा हल ढूंढ़ना चाहिए जो कि विचार करने योग्य हो और जिसे इस सदन का पर्याप्त समर्थन हासिल हो।’
लेकिन नेता प्रतिपक्ष जेरेमी कोर्बेन ने कहा कि किसी भी सकारात्मक बातचीत से पहले प्रधानमंत्री को नो-डील ब्रेक्सिट की संभावना को खारिज करना होगा। कोर्बेन का कहना था, ‘सरकार को बिल्कुल स्पष्ट तरीके से हमेशा के लिए यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के अलग होने की स्थिति में होने वाली तबाही और उसके नतीजे में फैलने वाली अराजकता की किसी भी आशंका को दूर करना होगा।’
 जिस पर प्रधानमंत्री टेरीजा ने विश्वास दिलाया कि वो एक नए प्रस्ताव के साथ 21 जनवरी को सदन के सामने होंगी। उनका कहना था, ‘ब्रेक्सिट पर काम करने और ये सुनिश्चित करने की इस सदन पर ब्रिटेन की जनता का विश्वास बना रहे, मैं इस सदन के किसी भी सदस्य के साथ काम करने के लिए तैयार हूं।’

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