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सीरिया का गहराता संकट

सीरिया का गृह युद्ध बदतर मोड़ ले रहा है। इस मामले में अब अमेरिका के साथ ही इजरायल की प्रत्यक्ष भागीदारी अनिवार्य  दिखने लगी है। हालात कुछ -कुछ 1936-39 के बीच चले स्पेन के गृहयुद्ध की तरफ जा रहे हैं जब द्वितीय विश्व युद्ध की भूमिका तैयार हो रही थी।

सीरियाई सरकार और उसके सहयोगी देश विद्रेहियों के आखिरी ठिकाने पर हवाई हमले कर रहे हैं। जिसमें बीते दस दिनों में सौ से अधिक नागरिकों की मौत हो गई है। ये बात संयुक्त राष्ट्र संघ ने कही है। जिसमें कहा गया है कि तीन महीने चले अभियान के बाद चार लाख से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं।सीरिया में बीते आठ सालों से गृह युद्ध जारी है। इदलिब शहर के अलावा उत्तरी हमा और पश्चिमी अलेप्पो विद्रोहियों का आखिरी गढ़ बना हुआ है। सीरिया और तुर्की के बीच हुए समझौते से 27 लाख लोगों को हवाई हमलों से मुक्ति मिली थी। लेकिन बीते 29 अप्रैल से हिंसा भड़कने के बाद से सीरिया में 350 आम लोगों की मौत हो चुकी है।

पिछले दस दिनों में सीरिया में 100 लोगों से ज़्यादा की मौत हुई है जिनमें 26 बच्चे शामिल हैं। हैरानी की बात तो ये है कि ये हमले स्कूलोंए अस्पतालोंए बाजारों और बेकरी पर किए गए हैं। इन मरने वाले लोगों में 26 बच्चे भी शामिल थे। ये संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

हमलों के लिए नागरिकों को निशाना बनाया जाता है जो कि बिल्कुल भी ठीक नहीं है। अपने मुख्य सहयोगी रूस द्वारा समर्थितए सीरियाई सरकार ने उत्तर पश्चिमी सीरिया में विद्रोही एन्क्लेव के खिलाफ अपनी आक्रामक शुरुआत की है। जिस स्थान पर हमला किया जा रहा हैए वहां तीस लाख लोगों का घर है। इनमें आधे से अधिक विस्थापित हो चुके हैं। ये लोग इदलिब प्रांत के अलावा पड़ोसी देश अलेपोए हमा और लताकिया प्रांत गए हैं।उत्तर पश्चिमी इदलिब और आसपास के क्षेत्रों को रूस और तुर्की के बीच सितंबर में एक ष्डी.एस्केलेशनष् सौदे के तहत शामिल किया गया था। ताकि यहां युद्ध और बमबारी को कम किया जा सके। हालांकि इसका पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया। सीरियाई सैनिकों ने यहां से जाने से इनकार कर दिया है। बीते कुछ हफ्तों में यहां बमबारी में भी बढ़ोतरी हुई है। इस क्षेत्र को ज्यादातर अल.कायदा के पूर्व सीरिया सहयोगी हयात तहरीर अलशाम द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

रूस समर्थित सीरियाई सरकार का कहना है कि हमलों की संख्या बढ़ने की वजह अल.कायदा से जुड़े जिहादियों की ओर से शांति समझौतों का उल्लंघन किया जाना है। रूस ने भी पिछले हफ्ते आई उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें रूसी हवाई हमलों में 31 लोगों के मारे जाने की खबरें शामिल थीं। विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब में मरने वालों की संख्या बढ़ने पर किसी का ध्यान नहीं है।जानबूझकर आम लोगों पर हमले करना अपराध है और जिन लोगों ने इन हमलों को अंजाम देने का आदेश दिया है और जिन्होंने अंजाम दिया है वे अपने इन कामों के लिए आपराधिक रूप से ज़िम्मेदार हैं।

बीते आठ सालों से जारी गृह युद्ध में सीरिया के इदलिब शहर के अलावा उत्तरी हमा और पश्चिमी अलेप्पो विद्रोहियों का आख़िरी गढ़ बना हुआ है। बीते सितंबर में रूस और तुर्की के नेतृत्व में हुए शांति समझौते के तहत इस क्षेत्र में भी बमबारी नहीं करने पर सहमति बनी थी।

इस शांति समझौते के तहत 27 लाख लोगों को हवाई हमलों से मुक्ति मिली थीण्लेकिन पिछले हफ़्ते सयुंक्त राष्ट्र ने कहा है कि बीती 29 अप्रैल को हिंसा भड़कने के बाद से सीरिया में 350 आम लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही 330000 लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा हैण्हालांकिए पिछले दस दिनों में 103 लोगों की मौत होने के बाद मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। वहीं रूसी एयरफोर्स समर्थित सीरियाई सरकार ने कहा है कि हमलों की संख्या बढ़ने की वजह अल.कायदा से जुड़े जिहादियों की ओर से शांति समझौतों का उल्लंघन किया जाना है।

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