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सुलेमानी हर तरह से विश्व का नंबर वन आतंकी था: डोनाल्ड ट्रंप

सुलेमानी हर तरह से विश्व का नंबर वन आतंकी था: डोनाल्ड ट्रंप

ईरानी कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या के बाद से अमेरिका में सियासत गरमाई हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सुलेमानी की अमेरिकी हवाई हमले में हुई मौत का बचाव किया। ट्रंप ने सुलेमानी को विश्व का नंबर वन आतंकी बताया।

उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है जब ईरानी लोग अपनी ही सरकार के खिलाफ लगातार चार दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। क्योंकि ईरानी सेना ने गलती से यूक्रेन के विमान को मार गिराया था जिसमें 176 लोगों की मौत हो गई थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, “हमने सुलेमानी को मारा गिराया। वह हर तरह से विश्व का नंबर एक आतंकी बताया था। उस इंसान ने बहुत सारे अमेरिकियों और अन्य लोगों की हत्या की थी। हमने उसे मार दिया। जब डेमोक्रेट्स उसे बचाने की कोशिश करते हैं तो यह हमारे देश का अपमान होता है।”

विमान को निशाना बनाने को लेकर ईरान वैश्विक आलोचना के साथ-साथ ईरान अपने ही घर में घिरता जा रहा है। कुछ दिन पहले जो लोग अपने सैन्य कमांडर सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहते थे, अब वही अपनी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं।

सरकार विरोधी इस प्रदर्शन को अमेरिका का साथ मिला है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस संबंध में कई ट्वीट किए और कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों की आवाज नहीं दबानी चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को दोबारा प्रदर्शनकारियों का नरसंहार नहीं करना चाहिए।

ट्रंप ने सोमवार को अरबी भाषा में भी एक ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, “राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने जानकारी दी है कि प्रतिबंधों और विरोध प्रदर्शन की वजह से ईरान पर काफी ज्यादा दबाव बन गया है और इससे वह बातचीत के लिए मजबूर हो रहा है। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि वे बातचीत करना चाहते हैं या नहीं। यह उन पर निर्भर है, लेकिन बस उनके पास परमाणु हथियार न हो और अपने प्रदर्शनकारियों को न मारें।”

दरअसल, अमेरिका में इस साल राष्‍ट्रपति चुनाव होने हैं। इसे देखते हुए डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका की एयर स्‍ट्राइक को भुनाने में जुट गए हैं। जबकि डेमोक्रेट्स सुलेमानी की हत्‍या के बाद ईरान के साथ पैदा हुए टकराव के मसले पर ट्रंप को घेर रहे हैं।

बीते दिनों ट्रंप के एयर स्‍ट्राइक पर लिए गए फैसले के खिलाफ अमेरिका के तीन शहरों में प्रदर्शन हुए थे। इसे देखते हुए रिपब्लिकन पार्टी की चिंता बढ़ गई है जबकि डेमोक्रेट्स के लिए इसमें एक मौका दिख रहा है।

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