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ट्रंप  के ‘ग्यारह झूठ’ पर अमेरिका में तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति टंªप तथ्यों के साथ हेर फेर और झूठ बोलने की अपनी आदत के चलते न केवल अपने देश बल्कि विश्वभर में कुख्यात हो चले हैं। बुधवार, 21 अगस्त को अपने सरकारी आवास व्हाईट हाउस में पत्रकारों संग बातचीत में टंªप ने ग्यारह ऐसी बातें कह डाली जिन्हें अमेरिकी मीडिया ने सफेद झूठ करार दिया है।

ट्रंप  ने शैखी बघारते हुए दावा किया कि उनके समय में किसी देश की हिम्मत नहीं कि वह अमेरिका का या उनका अपमान कर सके। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा का उदाहरण देते हुए कहा कि ओबामा के राष्ट्रपति रहते उन्हें फिलीपींस ने अपने देश में उतरने नहीं दिया था। सच यह है कि स्वयं राष्ट्रपति ओबामा ने फिलीपींस के राष्ट्रपति रोड्रिगो डूवरते संग 2016 में अपनी प्रस्तावित मीटिंग कैंसिल कर दी थी। इसके चलते उनका विमान फिलीपींस में उतरा ही नहीं।

टंªप ने डेनमार्क के प्रायद्वीप ग्रीनलैंड को यह कहते हुए डेनमार्क से खरीदने की बात कह डाली कि डेनमार्क को हर वर्ष सात सौ मिलियन अमेरिकी डाॅलर का नुकसान ग्रीन लैंड के चलते हो रहा है। सच यह कि ग्रीन लैंड को डेनमार्क प्रति वर्ष मात्र छह सौ मिलियन की अनुदान राशि देता है। टंªप ने यह दावा भी कर डाला कि उनके राष्ट्रपति बनने के बाद डाॅलर सबसे मजबूत करंसी बना है। सच यह कि डालर 1980, 2000, 2015, 2016 में भी सबसे मजबूत करंसी था।

एक अन्य सफेद झूठ उन्होंने अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों की बाबत बोल डाला। ट्रंप  ने दावा किया कि वे ऐसे अवैध रूप से रह रहे लोगों को उनके परिवार से अलग नहीं करते है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर उन्होंने ऐसा करने को आरोप भी लगाया। सच यह कि ओबामा के समय में ऐसी बहुत कम घटनाएं हुई थी जब अवैध नागरिकों को गिरफ्तार कर उन्हें अलग जेल में और उनके बच्चों को अलग जेल में रखा गया। टंªप के शासनकाल में ऐसा जमकर हो रहा है। इसी प्रकार ट्रंप  ने चीन संग चल रहे टेªड वार से लेकर मैक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने और खुद को सबसे ज्यादा पंसद किए जा रहे राष्ट्रपति जैसे मुद्दों पर गलत बयान दिए। अमेरिकी मीडिया में इन झूठे बयानों पर तीव्र प्रतिक्रिया हो रही है।

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