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दकियानूसी सोच से बाहर आता सऊदी अरब

विश्व की आधी आबादी पर सबसे ज्यादा प्रतिबन्ध लगाने वाला और उनके प्रति दकियानूसी सोच रखने वाला सऊदी अरब अब बदल रहा है। हालाँकि,महिलाओं को जो अधिकार यहाँ अब मिलने लगे हैं ,वे बहुत उत्साहजनक नहीं माने जा सकते लेकिन निश्चित ही दकियानूसी समाज में उजाले की किरण इन्हें अवश्य कहा जा सकता है। सऊदी अरब मुस्लिम बहुसंख्यक देश है इसलिए वहां लगाए ज्यादातर कानून इस्लाम धर्म का पालन करते है। लेकिन अब धीरे-धीरे इन कानूनों को हटाकर महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मौका दिया जा रहा है। हाल ही में अब सऊदी अरब में 21 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को पासपोर्ट हासिल करने और किसी पुरुष संरक्षक की अनुमति के बिना विदेश यात्रा की इजाजत संबंधी ऐतिहासिक सुधारों को लागू कर दिया गया।

इन सुधारों की घोषणा इसी महीने की शुरुआत में की गई थी। मंगलवार ,20 अगस्त को इन्हें लागू कर दिया गया। इस कदम से प्रतिबंधात्मक संरक्षकता प्रणाली कमजोर हुई है जो लंबे समय से महिलाओं के दमन का प्रतीक रही है। विभाग ने ट्विटर पर कहा कि पासपोर्ट विभाग ने पासपोर्ट की अवधि बढ़ाने या पासपोर्ट जारी करने और देश से बाहर यात्रा की अनुमति के संबंध में 21 वर्ष और उससे अधिक महिलाओं के आवेदन स्वीकार करने आरंभ कर दिए हैं। इससे पहले महिलाओं को इन कामों के लिए उनके पुरुष संरक्षकों पति, पिता और अन्य पुरुष संबंधियों की इजाजत की आवश्यकता होती थी। सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इतिहास बदलते हुए एक और बड़ा फैसला किया है जिसके तहत महिलाएं बिना महरम यानी पुरुष अभिभावक के बिना इजाजत विदेश यात्रा पर जा सकेंगी। प्रिंस सलमान का यह फैसला उन महिलाओं के लिए एक छोटी जीत समान हैं जो सऊदी में अपने अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई छेड़ चुकी हैं। इससे पहले सऊदी में महिलाओं को इतनी आजादी नहीं दी गई थी।

इसके अलावा, सऊदी अरब में महिलाओं को बच्चे के जन्म, शादी या तलाक को आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराने का अधिकार मिल गया है। उन्हें पुरुषों की ही तरह नाबालिग बच्चों के संरक्षक के तौर पर मान्यता दी गई है। इस सुधारों की देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रशंसा हुई है, लेकिन कट्टर रूढिवादियों ने इन्हें ‘गैर इस्लामी’ बताकर इनकी निंदा भी की है।माना जा रहा है कि जब से मोहम्मद बिन सलमान के हाथ कमान आई है तब से सऊदी अरब में कई बड़े बदलाव देखे गए। कुछ समय पहले सऊदी प्रिंस ने महिलाओं के गाड़ी चलाने पर बैन को हटाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। साल 2016 में एक बयान के दौरान प्रिंस सलमान ने कहा था कि वे आने वाले समय में देश में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने की तैयारी कर रहे है। सऊदी अरब अब कट्टरपंथी से आधुनिकता की और अग्रसर हो रहा है जिसके कारण अब धीरे-धीरे महिलाओं की स्थिति भी सुधरने लगी है जिसका श्रेय वर्तमान क्राउन प्रिंस को जाता है।

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