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अमेरिका के बाद चेक गणराज्य संग रूस के बिगड़ते रिश्ते, दोनों देशों ने किया राजनयिकों को निष्कासित

अमेरिका और रूस के रिश्ते अब दरकते नजर आ रहे हैं। अमेरिका अब रूस के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर चुका है। इसी बीच 15 अप्रैल को राष्ट्रपति जो बिडेन ने रूस के 10 राजनयिकों को देश से बाहर कर दिया। अमेरिका के बाद अब चेक गणराज्य संग भी रूस के रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई है।

सैन्य खुफिया एजेंसी का जासूस बताकर चेक गणराज्य की ओर से 18 रुसी राजनयिकों को निष्कासित किए जाने के बाद अब जवाब में रूस ने भी चेक गणराज्य के 20 राजनयिकों को देश बाहर जाने को कह दिया है। इसके लिए इन राजनयिकों को एक दिन को समय दिया गया है। चेक गणराज्य ने रूस के इन राजनयिकों पर देश में वर्ष 2014 में गोला बारूद के डिपो में हुए विस्फोट में शामिल होने का आरोप लगाया है।

रविवार, 18 की शाम को रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से चेक गणराज्य के राजदूत वितेज्स्लाव पिवोंका को तलब किया गया और उनके देश के 20 राजनयिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दे दिया गया।

 

रूस-अमेरिका के दरकते रिश्ते, कई राजनयिक अमेरिका से निष्कासित

 

रविवार, 18 की शाम को रूस के विदेश मंत्रालय की ओर से चेक गणराज्य के राजदूत वितेज्स्लाव पिवोंका को तलब किया गया और उनके देश के 20 राजनयिकों को देश से बाहर जाने का आदेश दे दिया गया। देश के गृह और विदेश मंत्री जान हामासेक ने कहा कि 18 रूसी दूतावास कर्मियों को स्पष्ट रूप से रूसी जासूसों के रूप में पहचाना गया और 48 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया।

 

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आदेश देने से पूर्व रूसी मंत्रालय ने चेक गणराज्य द्वारा उनके राजनयिकों को निष्कासित करने के निर्णय को शत्रुता पूर्ण कदम करार दिया गया। मंत्रालय ने कहा कि रूस के खिलाफ लगाए गए हालिया अमेरिकी प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि के खिलाफ अमेरिका को खुश करने के लिए यह कदम उठाया गया है। चेक गणराज्य ने इस मामले में अपने विदेशी संरक्षक को भी पीछे छोड़ दिया।

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