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कंगाल हुआ पाकिस्तान

पाकिस्तान की माली हालत दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। हालात इतने खराब हो चले हैं कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने जून के अंत तक सरकारी खजाना पूरी तरह खाली हो जाने की बात सार्वजनिक कर डाली है। 12 जून को पाक सरकार ने अपना जो बजट पेश किया उसमें अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष का दबाव स्पष्ट नजर आ रहा है। बजट संसद में पेश करने के बाद इमरान खान आधी रात को पाक जनता से बजरिए टीवी चैनल्स से रूबरू हुए। अपने मध्यरात्रि के संबोधन में इमरान ने कह डाला कि ‘मुल्क मुश्किल में है। इस मुश्किल से निकलने के लिए पूरी कौम को एक साथ आना होगा।’ बजट में चूंकि टैक्स में बढ़ोतरी की बात है इसलिए पाक की जनता इमरान सरकार से खासी नाराज नजर आ रही है।

पाकिस्तान के मुख्य विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि इमरान डरे हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष के भारी दबाव में काम कर रहे हैं। अपने संबोधन में इमरान खान ने देश की खस्ताहाल अर्थव्यस्था के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार करार देते हुए कहा कि ‘पाकिस्तान का कर्ज पिछले दस सालों में छह हजार अरब रुपए से बढ़कर तीस हजार अरब हो गया है। इसका नतीजा यह कि अब हमारे पास इतने भी डॉलर नहीं बचे कि हम कर्जों की किस्त अदाकर सकें। हम डर रहे हैं कि कहीं हम डिफॉल्टर न घोषित कर दिए जाएं। दरअसल, भारी आर्थिक संकट झेल रहे पाकिस्तान को पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने मदद तो की लेकिन कठिन शर्तों के साथ। इन शर्तों के चलते देश में महंगाई और टैक्स का बढ़ना तय है। हालात इतने खराब हैं कि पाक सेना तक ने अपने रक्षा बजट में कटौती की बात कह डाली है। नए बजट में सरकार ने आयकर की अधिकतम दर 25 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत कर दिया है। इतना ही नहीं सरकार ने वेतनमानों में भी कटौती की बात इस बजट में कह डाली है। बजट से पहले जारी आर्थिक सर्वेक्षण से साफ है कि पाकिस्तान लगातार आर्थिक संकट के दलदल में धंसता जा रहा है। एक बरस पूर्व पाकिस्तान की इकोनॉमी 315 अरब डॉलर थी जो इस वर्ष घटकर 280 अरब डॉलर पहुंच गई है। विकास दर में भी भारी गिरावट दर्ज हुई है। प्रति व्यक्ति आय 1,652 डॉलर प्रति वर्ष से कम होकर 1,497 .30 डॉलर रह गई है। इस सर्वेक्षण के मुताबिक पाकिस्तान 100 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज वापस करने की स्थिति में नहीं है। इमरान खान ने सत्ता संभालने के साथ ही नए पाकिस्तान के निर्माण की बात कही थी। उन्होंने भ्रष्टाचार पर प्रहार करने के लिए कड़े कदम भी उठाने का वादा किया था। गत् सप्ताह पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते गिरफ्तार किया गया है। पूर्व पीएम नवाज शरीफ पहले से ही आर्थिक अपराध के आरोपी बन जेल में हैं। इमरान खान ने सरकारी फिजूलखर्जी पर सख्त पाबंदी लगाने की शुरुआत स्वयं पीएम हाउस से की है। उन्होंने पाक प्रधानमंत्री के काफिले की महंगी गाड़ियों को बेच डाला है और वे स्वयं पाक पीएम के शानदार सरकारी आवास को छोड़ एक सामान्य बंगले में रह रहे हैं। हालांकि इमरान पूरी ईमानदारी से पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने में जुटे हैं लेकिन स्थितियां दिनोंदिन बिगड़ती जा रही हैं।

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