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नहीं चला पाक का ट्रंप कार्ड 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कल  अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की।  इमरान संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 74वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका पहुंचे हुए हैं जो आज 24 सितंबर से शुरू हो रहा है।  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री 27 सितंबर को UNGA की बैठक को संबोधित भी करेंगे. दोनों नेताओं के बीच अहम मुद्दों पर बातचीत हुई ।

पाकिस्तान लगातार जम्मू-कश्मीर के मसले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है और सबसे ज्यादा अमेरिका के सामने उठा रहा है, लेकिन इमरान खान की उम्मीदों को हर बार झटका लगा है, कल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पाकिस्तान को झटका दिया है।  ट्रंप ने इमरान के सामने नरेंद्र मोदी की तारीफ की और भारत से संबंधों को शानदार बताया।न्यूयॉर्क में इमरान खान से मुलाकात के बाद जब प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, तो डोनाल्ड ट्रंप ने इमरान के सामने ही ऐसी कई बातें कहीं जो पाकिस्तान को खूब चुभी होंगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत से हमारे संबंध अच्छे हैं, उम्मीद है कि दोनों देश साथ आएंगे. मुझे पाकिस्तान पर भरोसा है कि वह सही करेगा, लेकिन सामने बैठे लोगों जैसे (पाकिस्तानी मीडिया) को ही उनपर भरोसा नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ‘हाउडी मोदी’ में नरेंद्र मोदी के भाषण की तारीफ की. ट्रंप ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर नरेंद्र मोदी ने आक्रामक भाषण दिया, लोगों ने भी उसे काफी पसंद किया है. वहां बैठे लोग काफी ध्यान से उन्हें सुन रहे थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पाकिस्तानी पत्रकार ने जम्मू-कश्मीर पर सवाल किया तो डोनाल्ड ट्रंप ने इमरान की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप ऐसे रिपोर्टर कहां से लाते हैं? डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तानी रिपोर्टर से कहा कि आप इमरान की टीम में हैं, ऐसे में आपकी बात सवाल नहीं बल्कि एक बयान है। इमरान खान ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की अपील की, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ने इनकार कर दिया, डोनाल्ड ट्रंप ने  कहा कि वह जम्मू-कश्मीर पर मध्यस्थता को राजी हैं, लेकिन अगर दोनों पक्ष राजी हो तो. ट्रंप ने कहा कि इस मसले पर भारत का मानना भी जरूरी है। एक दिन पहले ही हाउडी मोदी कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि हमें इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा, वह इस लड़ाई में भारत के साथ हैं. साथ ही बॉर्डर की समस्या पर भी वह भारत के साथ हैं।  गौरतलब है कि इसी कार्यक्रम में पीएम मोदी ने 9/11, 26/11 का ठीकरा पाकिस्तान पर फोड़ा था।

अपने आप को ‘बहुत अच्छा पंच’ बताते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान और भारत के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं, लेकिन दोनों पक्षों को इस पर सहमत होना होगा। वहीं, भारत का रुख है कि कश्मीर मुद्दा द्विपक्षीय है और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के दौरान  खान ने कहा, ‘दुनिया में सबसे शक्तिशाली देश की जिम्मेदारी है।’ साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ‘कश्मीर में संकट बहुत बड़ा होने जा रहा है।’ इस पर ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे को लंबे समय से चल रहा ‘जटिल’ मामला बताते हुए कहा, ‘अगर मैं मदद कर सकता हूं तो मैं जरूर मदद करूंगा।’

ह्यूस्टन में ‘हाउडी, मोदी’ रैली में भाग लेने के एक दिन बाद ट्रम्प ने खान की मौजूदगी में ‘हाउडी, मोदी’ महारैली की प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का ‘काफी आक्रामक बयान’ सुना। उन्होंने ह्यूस्टन में एनआरजी स्टेडियम में 50,000 लोगों के जनसमूह का जिक्र करते हुए कहा, ‘इसे वहां काफी अच्छा समर्थन मिला।’ इस  रैली में मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ ‘निर्णायक लड़ाई’ का आह्वान करते हुए आतंकवाद का समर्थन करने पर पाकिस्तान पर निशाना साधा और कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के भारत के फैसले से उन लोगों को दिक्कत हुई जो अपने देश को नहीं संभाल सकते।

ट्रंप और खान ने जुलाई में व्हाइट हाउस में बैठक की थी। दोनों के बीच उस भेंटवार्ता के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे के हल के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की इच्छा प्रकट की थी। भारत ने उसे खारिज कर दिया था। पिछले महीने फ्रांस में जी 7 सम्मेलन के मौके पर मोदी की ट्रंप के साथ बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की गुजाइंश से स्पष्ट रूप से इनकार किया था।

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