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संकट में पाकिस्तानी डॉक्टर

पाकिस्तानी डॉक्टर्स के लिए अब एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दरअसल, सऊदी अरब समेत अन्य अरब देशों में प्रैक्टिस कर रहे उच्चतम योग्यता वाले पाकिस्तानी डॉक्टरों की सऊदी अरब और मध्य पूर्व के कई देशों द्वारा एमएस और एमडी जैसी मेडिकल डिग्री अमान्य घोषित कर दी गयी हैं।

इन देशों द्वारा पाक डिग्री धारी डॉक्टरों को उच्चतम भुगतान की पात्रता सूची से हटा दिया गया  है।हालाँकि इन सभी देशों में भारत की डिग्री को वैध माना गया है। जबकि पाकिस्तानी डॉक्टरों से कहा गया है कि वे या तो खुद देश छोड़ दें अन्यथा उन्हें निर्वासित कर दिया जाएगा।

पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, सऊदी सरकार के कदम के बाद, कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन द्वारा भी इसी तरह का कदम उठाया गया है। दूसरी तरफ, अरब देशों ने भारत के अलावा मिस्र, सूडान और बांग्लादेश की डिग्रियों को भी वैध माना है। केवल इन देशों के डिग्रीधारक डॉक्टर वहां मेडिकल प्रैक्टिस जारी रख सकते हैं।

पाकिस्तानी एमएस/एमडी की डिग्री को अमान्य करते हुए सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दावा किया गया कि इसमें संरचनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का अभाव है, जो महत्वपूर्ण पदों के लिए डॉक्टरों को रखने के लिए एक अनिवार्य जरूरत है। गौतलब है कि पाकिस्तान पहले ही आर्थिक मार झेल रहा है और अब इस समस्या से उसका और नुकसान होने की सम्भावना है।

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