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टेरर फंडिंग के लिए अभी ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान, FATF ने लिया फैसला

टेरर फंडिंग के लिए अभी ग्रे लिस्ट में ही रहेगा पाकिस्तान, FATF ने लिया फैसला

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। आतंकवादियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ग्रे लिस्ट में रहेगा। एफएटीएफ ने बुधवार को यह फैसला किया। पाकिस्तान सेना और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों तक पहुंचने वाली वित्तीय सहायता को रोकने में विफल रहा है। अधिकारियों ने कहा कि परिणामस्वरूप एफएटीएफ ने बुधवार को पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखने का फैसला किया।

FATF की बैठक बुधवार को चीन के ज़ियामी लियू की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। बैठक में चर्चा थी कि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला जाए या ब्लैकलिस्ट किया जाए। इससे पहले फरवरी में एफएटीएफ की बैठक हुई थी। तब भी पाकिस्तान सूची से बाहर होने में विफल रहा था। पाकिस्तान पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों को वित्तीय सहायता देने का आरोप है।

सभी देशों को मिला एक्सटेंशन

पिछले साल अक्टूबर के बाद से दो बार पाकिस्तान को यह एक्सटेंशन मिल चुका है। कोरोना वायरस महामारी का हवाला देते हुए इस बार FATF की ओर से उन सभी देशों को ग्रे लिस्ट में ही रखने का निर्णय लिया गया है, जो पहले से इसमें शामिल थे। जो देश ब्लैक लिस्ट में थे, वे भी उसी में रहेंगे। अक्टूबर 2020 तक सभी देशों की टेरर फाइनैंसिंग और मनी लॉन्डरिंग की स्क्रूटिनी जारी रखी जाएगी।

बैठक के बाद पाकिस्तान को अप्रैल 2020 तक का समय दिया गया था। उन्हें 27 बिंदु के एक्शन प्लान पर कार्य  करने के लिए भी कहा गया था। लेकिन पाकिस्तान इसमें भी विफल रहा। एफएटीएफ ने पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तान को इस आधार पर ग्रे-लिस्ट करने का फैसला किया था कि यह आतंकवाद के लिए एक प्रजनन स्थल है। पाकिस्तान को उन लोगों का समर्थन करने के लिए कहा गया था जो आतंकवादी संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान करते थे। पाकिस्तान ने तब कुछ आतंकवादी संगठनों के खिलाफ एफएटीएफ के दबाव में सिर्फ कार्रवाई की।

जैश-लश्कर को करने दिया ऑपरेट

साल 2019 में अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट की ‘कंट्री रिपोर्ट्स ऑन टेररिज्म’ में पाकिस्तान की भूमिका पर खरी-खरी कही गई है। इसमें बताया गया है कि भारत को निशाना बना रहे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को पाकिस्तान ने अपनी जमीन से ऑपरेट करने दिया। साथ ही पाकिस्तान की ओर से जैश के संस्थापक और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकी घोषित किए जा चुके मसूद अजहर और 2008 के मुंबई धमाकों के ‘प्रॉजेक्ट मैनेजर’ साजिद मीर जैसे किसी आतंकी के खिलाफ ऐक्शन नहीं लिया गया। दोनों आतंकी पाकिस्तान में अब भी आजाद है।

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