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अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुका पाक

मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को 17 जुलाई को लाहौर से गिरफ्तार कर लिया गया। हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ)  द्वारा  ग्लोबल टेररिस्ट घोषित है। पाकिस्तान के काउंटर टेरेरिज्म डिपार्टमेंट ने आतंकियों को आर्थिक सहायता देने के आरोप में उस पर यह कार्रवाई की है। इससे पहले भी कई बार सईद को गिरफ्तार किया गया था, परंतु अदालतों द्वारा सबूत न मिलने का हवाला देकर हर बार उसे छोड़ दिया गया। हाफिज को लाहौर से गुजरांवाला जाते वक्त काउंटर टेरेरिज्म विभाग ने गिरफ्तार किया है। हालांकि पाकिस्तान की इस कार्रवाई पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि हाफिज पर पहले भी एक्शन लिए जाने का ड्रामा कई बार किया जा चुका है। इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि आर्थिक रूप से बदहाल पाकिस्तान दुनिया को भ्रम में रखने के लिए भी यह कार्रवाई कर रहा है।
बता दें कि सईद और उसके तीन सहयोगियों को पाकिस्तान में आतंक रोधी एक अदालत ने हाल ही में अपने मदरसे के लिए जमीन के अवैध इस्तेमाल से जुड़े मामले में तीन अगस्त तक अग्रिम जमानत दी थी। लाहौर में आतंकरोधी अदालत (एटीसी) ने सईद और उसके सहयोगियों-हाफिज मसूद, अमीर हमजा और मलिक जफर को 50-50 हजार रुपए के जुर्माने पर तीन अगस्त तक अंतरिम जमानत दी थी।
इससे पहले ‘डॉन’ अखबार ने खबर दी थी कि एटीसी ने जेयूडी नेताओं द्वारा 31 अगस्त तक अंतरिम जमानत प्रदान गई है। आतंक रोधी विभाग (सीटीडी) ने लाहौर में अवैध तरीके से एक भूखंड हड़पने और उस पर मदरसा बनाने के लिए सईद और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। न्यायाधीश वारीच ने पंजाब पुलिस के सीटीडी को सईद और उसके तीन सहयोगियों को तीन अगस्त तक मामले में गिरफ्तार करने से रोक दिया। दरअसल, पाकिस्तान को फाइनेंशल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) से ब्लैक लिस्ट होने का डर सता रहा है। पाकिस्तान दूसरी बार एफएटीएफ की ग्रे सूची में है। पाकिस्तान को पहली बार 2012 में ग्रे लिस्ट में रखा गया था। पिछले साल जून में पाकिस्तान को फिर एक बार ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया और  पाकिस्तान सरकार से आतंकी वित्तपोषण और धनशोधन की जांच करने को भी कहा गया था। हालांकि एफएटीएफ की चेतावनी के मद्देनजर हाफिज सईद जैसे आंतकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करना पाकिस्तान के लिए आवश्यक था, लेकिन सईद की गिरफ्तारी का समय इसलिए सवालों के घेरे में है क्योंकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इसी महीने के अंत में अमेरिका का दौरा करने वाले हैं।
मुंबई आतंकवादी हमलां के मास्टर माइंड हाफिज सईद की गिरफ्तारी के घंटां बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा कि यह पिछले दो वर्षों में पाकिस्तान पर उनके प्रशासन द्वारा लगाए गए ‘महान दबाव’ का नतीजा है जिसने उनके 10 साल पुराने खोज अभियान को तेजी से ट्रैक पर रखा। 22 जुलाई को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से वह अपने ओवल ऑफिस में मुलाकात करने वाले हैं। यह साफ है कि आर्थिक रूप से खस्ताहाल पाकिस्तान किसी तरह की पाबंदी झेल पाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह नहीं चाहते हुए भी खुद के पनाह दिए गए आतंकियों पर कार्रवाई का दिखावा करने पर मजबूर है। हाल ही में हाफिज सईद को यूएनओ ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित है। अमेरिका ने भी उसे अपनी तरफ से वैश्विक आतंकवादी घोषित करते हुए भारी-भरकम इनाम रखा है।

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