पूरी दुनिया इस वक्त कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है। हर देश इसे रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। दुनिया के दो तिहाई देशों में इसके कारण लॉकडाउन जारी है। इसी बीच एक देश ऐसा भी है जहां अगर आपने लॉकडाउन का पालन नहीं किया तो आपकी जान भी जा सकती है। जी हाँ, अगर लॉकडाउन का आपने विरोध किया तो आपको बहुत महंगा पड़ सकता है। यह देश है फिलीपींस। यहां अगर लोगों ने लॉकडाउन का विरोध या उसका पालन नहीं किया आपको अपनी जान गंवानी पड़ सकती है।
यहां के राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को सीधे गोली मारने के आदेश दिया है। यह बात खुद फिलीपींस के राष्ट्रपति दुतेर्ते ने राष्ट्र के नाम दिए गए अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा, ‘‘हालात और खराब हो रहे हैं। मैं आपको फिर से कह रहा हूं कि समस्या की गंभीरता को समझें और मेरी बात सुनें। पुलिस और सेना को मेरा आदेश है कि अगर कोई आपके काम में परेशानी खड़ा करता है। बेवजह लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करता है। आपसे लड़ाई करता है। आपको लगता है कि आपकी जान खतरे में है तो उन्हें गोली मार दें। समझ गए आप? मौत। मैं आपको परेशानी पैदा करने नहीं दूंगा। आपको दफना दूंगा।’’

जनता करे सहयोग
फिलीपींस में कोरोना से 96 लोग ने अब तक अपनी जान गंवाई है। साथ ही अब तक 2,311 मामलों की पुष्टि हुई है। राष्ट्रपति दुतेर्ते का यह बयान लोगों के पुलिस के साथ झड़प के बाद आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनीला में रहने वाले लोगों ने विशेषकर जो गरीब तबके से उन्होंने इस लॉकडाउन का विरोध किया था। इन लोगों की ओर से खाद वितरण नियमों को लेकर एक प्रदर्शन को भी अंजाम दिया जा रहा था।
दुतेर्ते ने कहा कि इस महामारी से लड़ने में बहुत महत्वपूर्ण है कि सभी लोग सहयोग करें। क्योंकि और सभी अधिकारी संक्रमण की गति को रोकने में और देश की नाजुक स्वास्थ्य अवस्था को ठीक करने में लगे हुए हैं। जिसके बाद ही उन्होंने सख्त रवैया अपनाते हुए कोरोना संक्रमितों के इलाज में लगे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के साथ हो रही अप्रिय घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों के साथ गलत दुर्व्यवहार सहा नहीं जाएगा।

बयान का विरोध
राष्ट्रपति दुतेर्ते का बयान आने के बाद सामाजिक संस्थानों और मानवाधिकार संगठनों की ओर से इसका विरोध हो रहा है। प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना है कि इस तरह के आदेश देकर वे हिंसा को जन्म दे रहे हैं। यह मानवता के नाम पर प्रहार है। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे है कि राष्ट्रपति को शीघ्र ही इस फैसले को वापस ले लेना चाहिए। वहीं, नेशनल पुलिस चीफ ने कहा कि सारे कदम कानून के दायरे में रहते हुए ही उठाए जाएंगे।
चीफ ने कहा कि दुतेर्ते केवल कोरोना वायरस जैसी महामारी को गंभीरता से लेने के लिए ही कह रहे हैं। ताकि लोग इसे गंभीरता से लें। उनकी मंशा किसी को गोली मरवाने की नहीं है। फिलीपींस की सरकार कोरोना से निपटने के हर संभव प्रयास कर रही है। जिसके कारण वहां पिछले 3 हफ्तों में केवल कोरोना के 3 मामले सामने आए हैं जो इस बात की ओर इशारा है कि फिलीपींस कोरोना से लड़ाई जीतने की ओर अग्रसर है।

