दक्षिण पूर्व एशिया का एक छोटा-सा देश ब्रुनेई आज भी आदिम युग की व्यवस्थाओं में जीने को अभिशप्त है। इस मुल्क में आज भी ‘गे रिलेशनशिप’ को गंभीर अपराध तो माना जाता ही है, इस अपराध के लिए सजा भी बर्बर है। यहां शरिया कानून के मुताबिक इस सजा में ‘अपराधी’ को पत्थर से पीट-पीटकर ‘सजा-ए- मौत’ दी जाती है। इस मुल्क की हालांकि आर्थिक स्थिति खासी मजबूत है। यहां आज भी राजशाही है। सुल्तान हसनअल बोल्किया कट्टर इस्लाम के समर्थक हैं। पिछले तीस बरसों से यहां के सुल्तान शरियत कानूनों को कड़ाई से लागू कराने का काम कर रहे हैं। ब्रुनेई लंबे समय तक ब्रिटिश अधीन रहा। 1984 में यह पूरी तरह स्वतंत्र राष्ट्र बना। तभी से यहां शरियत कानूनों का जोर बढ़ गया जो अब चरम पर है। अप्रैल 2019 में सुल्तान ने यहां एक नया समलैंगिकता विरोधी कानून लागू किया जिसमें गे-सेक्स के अपराधियों को पत्थर मारकर मौत की सजा देने का प्रावधान है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचे हो-हल्ले के बाद सुल्तान बैकफुट पर आ गए हैं लेकिन शरियत कानूनों के नाम पर ब्रुनेई की जनता का शोषण जारी है। यहां के शासन सुल्तान हसनअल बोल्किया विश्व के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं। इनके पास ढाई हजार से ज्यादा लग्जरी कारें हैं। हाल-फिलहाल अपने समलैंगिकता विरोधी कानून के चलते सुल्तान बु्रनेई को विश्व ख्याति निंदा का सामना करना पड़ रहा है।

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