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उत्तर कोरिया ने ट्रंप को बताया नासमझ और खुशामद बूढ़ा

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच पटरी पर लौटते संबंध अब फिर बिगड़ते नज़र आ रहे हैं। दरअसल ,उत्तर कोरिया द्वारा ट्रंप का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें नासमझ और ख़ुशामद पसंद बूढ़ा बताया गया है। तो वहीं उत्तर कोरिया के लगातार भड़काऊ बयानों के चलते अमेरिका ने सयुंक्त राष्ट्र की बैठक बुला ली है।
साल 2017 से ही ट्रंप और उत्तर कोरिया के बीच एक दूसरे को अपमानित करने और एक दूसरे को नष्ट करने जैसे बयान आने लगे थे।  वियतनाम में ट्रंप और किम जोंग उन के बीच वार्ता के टूट जाने के बाद उनके बीच परमाणु वार्ता अधर में लटक गई थी। अमेरिकी पक्ष ने उत्तर कोरिया द्वारा अपनी कुछ परमाणु क्षमताओं का आंशिक आत्मसमर्पण करने के बदले प्रतिबंधों में व्यापक ढील देने की उसकी मांग ख़ारिज कर दी गयी। ट्रंप ने संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी खुला है। इससे पहले ट्रंप ने ट्वीट किया था कि शत्रुतापूर्ण हरकतें और अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित कर उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन दोनों नेताओं के बीच के विशेष संबंध का परित्याग नहीं करना चाहेंगे।
 उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व परमाणु वार्ताकार किम यंग चोल द्वारा एक बयान में कहा गया कि उनका देश अमेरिका के दवाब के सामने घुटने नहीं टेकेगा क्योंकि उसे कुछ नहीं गंवाना नहीं पड़ेगा। यदि अमेरिका अपनी पाबंदियां और दवाब जारी रखता है तो उत्तर कोरिया “नया रास्ता” ढूंढेगा। उन्होंने ट्रंप सरकार के लिए परस्पर स्वीकार्य समझौते के लिए समय सीमा जारी की।
केसीएनए न्यूज एजेंसी के अनुसार कोरिया एशिया पैसिफिक पीस कमिटी के अध्यक्ष किम द्वारा एक बयान में कहा गया हमारी कार्रवाई उन्हें चकित करने के लिए है। यदि चकित नहीं होते हैं तो हम चिढ़ जाएंगे। यह स्वाभाविक रूप से संकेत है कि ट्रंप एक बेसब्र बूढ़ा है।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने पिछले वर्ष जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन से मुलाकात की थी तब उन्होंने परमाणु निरस्त्रीकरण के कदमों के तहत इस स्थल को नष्ट करने का वादा किया था।

सप्ताहांत में उत्तर कोरिया से किसी राकेट या हथियार के प्रक्षेपण का पता नहीं चला। कई विदेशी विशेषज्ञों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया ने एक नये हाई..थ्रस्ट इंजन का परीक्षण किया जो बड़े और अधिक शक्तिशाली राकेट के प्रक्षेपण के लिए जरूरी है।

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए पहले अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों में छूट की मांग की थी। ट्रम्प ने पिछले साल ऐलान किया था कि उत्तर कोरिया के 2019 का अंत होते-होते आर्थिक प्रतिबंधों में छूट दे दी जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन इसको लेकर कई बार मुलाकात भी कर चुके हैं। हालांकि, अभी तक उत्तर कोरिया को कोई छूट नहीं मिली है।

इसको लेकर उत्तर कोरिया ने नाराजगी जताई है। उसके विदेश मंत्री किम सोंग ने हाल ही में कहा था कि हमें अमेरिका के साथ लंबी बातचीत की जरूरत नहीं और अब समझौते का मौका खत्म हो गया है। किम शासन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि साल के अंत तक छूट का नया प्रस्ताव पेश करे, ताकि परमाणु अप्रसार संधि पर आगे बातचीत हो सके।

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