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उत्तर कोरिया उगा रहा इम्यूनिटी बढ़ाने वाली खास सब्जियां

जहां पूरा विश्व कोरोना से बचाव की वैक्सीन बनाने में जुटा है तो वहीं उत्तर कोरिया में स्वस्थ रहने के लिए कुछ और ही किया जा रहा है। आप जानते होगे कि इन दिनों एक मंत्र बहुत प्रचलित है- ‘सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें’। इसी मंत्र को ध्यान में रखते हुए उत्तर कोरिया में कुछ नया किया जा रहा। सब्जियों के बारे में तो हम सभी जानते हैं लेकिन क्या आपने ‘functional vegetables’ के बारे में कभी सुना है। जी हां, ये शब्द सुनने में जरा अजीब है लेकिन उत्तर कोरिया में लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खास तरह की सब्जियां उगाई जा रही हैं, जिन्हें functional vegetables का नाम दिया जा रहा है।

उत्तर कोरिया का एक संस्थान लोगों के पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य को और बेहतर बनाने के उद्देश्य के लिए कथित तौर पर कई प्रकार की सब्जियों का उत्पादन कर रहा है। उत्तर कोरिया की एक आधिकारिक समाचार एजेंसी (KCNA) के एक वीडियो में इन सब्जियों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। वीडियो में ये दिखाया गया है कि प्योंगयांग वनस्पति विज्ञान संस्थान में कार्यरत सभी लोग किस तरह मिर्च और टमाटर जैसे पौधों की देखभाल कर रहे हैं।

शोधकर्ता का दावा

उत्तर कोरिया में स्थित प्योंगयांग के वनस्पति विज्ञान संस्थान के एक शोधकर्ता इम ब्योंग सोप ने कहा है, “हाल ही में उत्पादित की गई ग्यानुरा बायकलर (एक प्रकार की पालक) में बाहरी उगाई गई सब्जियों के मुकाबले लोहे की मात्रा 20 से 30 गुना अधिक है। यह सब्जी एनीमिया की कमी वाले लोगों और हाल ही में मां बनी महिलाओं के लिए लाभदायक साबित होगी। हम और भी कई तरह की सब्जियां पैदा करने के लिए अपना शोध जारी रखेंगे और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अपना पूर्ण योगदान देंगे।”

KCNA के मुताबिक, संस्थान में बायोइंजीनियरिंग रिसर्च सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये देश के लिए बहुत अच्छी बात है क्योंकि जो देश सालों तक संयुक्त राष्ट्र के नियमित खाद्य सहायता पर निर्भर रहा है। आज उस देश ने स्वयं का खाद्य पदार्थ उगाना आरम्भ कर दिया है। कोरोना वायरस महामारी के मध्य उत्तर कोरिया ने अपने देश में कोरोना वायरस के शून्य मामले होने का दावा किया है। चीन में मामलो की संख्या बढ़ने पर ही जनवरी में अपनी सीमाओं को बंद कर दिया था। पर कोरोना वायरस से मुक्त होने के उसके दावों में अब भी संदेह है। उत्तर कोरिया कहता रहा है कि उसके यहाँ मामले नहीं हैं।

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