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चीन की शह पर नेपाल ने तैनात की सीमा पर सेना  

भारत -चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर चल रही तना – तनी थमने के बजाए और भी ज्यादा बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में चीन की शह पर अब नेपाल ने भी  लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा इलाके में सेना की पूरी बटालियन तैनात कर आग में घी डालने का काम किया है।

चीन से तनाव के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे लेह की स्थिति का जायजा लेने के लिए लेह दौरे पर हैं ।सूत्रों के मुताबिक  वरिष्ठ फील्ड कमांडर उन्हें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के जमीनी हालात की जानकारी देंगे। सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अपने इस दो दिवसीय दौरे के दौरान सैनिकों की ऑपरेशनल तैयारियों का भी मुआयना करेंगे।

पैंगोंग लेक के दक्षिणी हिस्से को चीनी सेना से खाली कराने के बाद अब उत्तरी इलाके में भी चीनी सेना की घेराबंदी शुरू कर दी गई है। सेना के सूत्रों ने कहा कि एलएसी के भारतीय क्षेत्र में ऊंची पहाड़ियों पर सेना की विशेष टुकड़ियों को तैनात किया गया है। जो किसी भी हालात का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

इस बीच भारत-चीन के तनाव के बीच अब नेपाल ने भी सीमा पर गतिविधि शुरू कर दी है।  भारत-नेपाल के बीच बीते कई महीनों से लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा इलाके को लेकर तनाव बना हुआ है। अब नेपाल ने इसी इलाके में सेना की पूरी बटालियन तैनात कर दी है। कहा जा रहा है कि चीन की शह पर ही नेपाल ने ये बटालियन तैनात कर  भारत को संदेश देने की कोशिश की है।

लिपुलेख, कालापानी और लिम्पियाधुरा को ट्राई-जंक्शन कहा जाता है, क्योंकि ये वो इलाका है जहां भारत, नेपाल और चीन की सीमाएं मिलती हैं। नई तैनात की गई  इस बटालियन से कहा गया है कि वो भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखें।

सूत्रों के  मुताबिक पिछले हफ्ते नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार के गृह मंत्रालय ने सेना को एक आदेश जारी किया था। इसमें कहा गया कि भारत और चीन के बीच जारी तनाव के मद्देनजर लिपुलेख सीमा की सख्त निगरानी जरूरी है।  इसके बाद नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स (एनपीएफ) की 44वीं बटालियन यहां तैनात की गई है।

बता दें कि यहां चीन की 150 लाइट कम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड भी तैनात है। भारत से तनाव बढ़ने के बाद इसे यहां भेजा गया था।  यहां से करीब 10 किलोमीटर दूर पाला क्षेत्र है और यहां भी चीन की चौकी मौजूद है।

भारत ने लिपुलेख में 17 हजार फीट पर बेहतरीन सड़क बनाई है। रोड कंस्ट्रक्शन के वक्त नेपाल ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।  बाद में पीएम ओली ने संसद ने इन तीनों इलाकों को नेपाल में दिखाने वाला एक विवादित नक्शा पास करा लिया।जिसमे नेपाल ने लिपुलेख पर न सिर्फ अपना दावा किया बल्कि एक नया नक्शा जारी भी कर दिया।  इसमें लिपुलेख को भी शामिल किया। भारत ने इस पर विरोध जताया था, भारत और चीन के बीच लद्दाख में जारी तनाव के बीच नेपाल भी कुछ ज्यादा ही सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रहा है।

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