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म्यांमार: 32 वर्षीय ब्यूटी क्वीन ने सेना के खिलाफ उठाए हथियार

म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के खिलाफ जनता का विद्रोह जारी है, तो वहीं प्रदर्शनकारी अनोखे तरीके ईजाद करके अपनी आवाज को दुनिया के हर हिस्से तक पहुंचाने के प्रयास में लगे हुए हैं। सेना लगातार हिंसक कार्रवाई से लोगों की आवाज दबाने में लगी है। लेकिन लोगों का सेना के खिलाफ आक्रोश इतना है कि आम जनता से लेकर सेलेब्रिटीज़ भी अब सेना से लोहा ले रहे हैं। इसी बीच अब सेना के खिलाफ इस उबाल में नया चेहरा बनकर उभरी हैं म्यामांर की 32 वर्षीय ब्यूटी क्वीन।

वर्ष 2013 में थाईलैंड में आयोजित हुए पहले मिस ग्रैंड इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट में म्यांमार का प्रतिनिधित्व करने वालीं तार तेत तेत ने सेना के खिलाफ अब बगावत कर दी है।

असॉल्ट राइफल के साथ तार तेत तेत ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। आठ साल पहले उन्होंने ब्यूटी कांटेस्ट में 60 प्रतियोगियों को पछाड़ते हुए ब्यूटी क्वीन का खिताब हासिल किया था और अब वर्तमान में उन्होंने म्यांमार के सीमा वाले इलाके में रहने वाले सशस्त्र समूहों का हाथ थाम अब सेना से दो-दो हाथ करने की ठान ली है। वह जिमनास्टिक इंस्ट्रक्टर भी है। उनके सेना के विरोध में उतरने के बाद अब संभावना है कि बड़ी संख्या में लोग अब इस संघर्ष का हिस्सा बन सकते हैं।

म्यांमार में अब छिड़ सकता है गुरिल्ला युद्ध !

अपने फेसबुक पेज पर तार तेत तेत ने लिखा, ‘हमारे लिए लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। चाहे आप हथियार, पेन, कीबोर्ड रखें या लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के लिए पैसे दान करें। क्रांति को सफल बनाने में सभी को अपना योगदान देना चाहिए। तार तेत तेत  ने कहा, ‘जितना हो सकेगा मैं लड़ूंगी। मैं सब कुछ त्यागने को तैयार हूं। मैं भी अपनी जान कुर्बान करने को तैयार हूं’

 

वहीं उन्होंने अपने ट्विटर पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, ‘क्रांति कोई सेब नहीं है, जो पकने के बाद खुद ही गिर जाता है। आपको इसे गिराना है। हम जरूर जीतेंगे। म्यांमार में 50 साल के सैन्य शासन के बाद कुछ हद तक लोकतंत्र में वापसी हुई, लेकिन 1 फरवरी को सैन्य तख्तापलट ने चीजें बदल दीं।

अब सेना से निपटने के लिए छात्रों और युवाओं के हाथों में भी हथियार आ चुके हैं। इस स्थिति के बाद अब देश में हर जगह गुरिल्ला युद्ध के नज़ारे देखे जा रहे हैं। देश में सेना द्वारा रोजाना निहत्थे नागरिकों को मार दिया जाता है जिसके चलते लोग आतंकित हैं।

इस वजह से अब कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सेना के साथ अपनी शर्तों पर लड़ने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है। इसलिए छात्र, पार्टी कार्यकर्ता और कर्मचारी समूह बना कर हथियारों के साथ एक प्रकार के छापामार युद्ध में लग गए हैं।

म्यांमार में सेना के विरोध का नया चेहरा बनी ब्यूटी क्वीन..

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