[gtranslate]
world

सूडान में फिर नरसंहार,जातीय हिंसा में 40 की मौत

सूडान में इस समय भंयकर जातीय हिंसा हो रही है। लंबे समय से चली आ रही इस हिंसा में अब तक हजारों की संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है। सोमवार 5 मार्च को हुई जातीय हिंसा में 40 लोग मारे गए और 60 से अधिक बुरी तरह जख्मी हो गए। यह जातीय हिंसा सूडान के शहर एल जेनिना में हुई। इस बात की जानकारी संयुक्त राष्ट्र ने दी। यह घटना पिछले साल के अंत में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों की वापसी के बाद से सबसे ज्यादा हिंसा ग्रस्ति इलाकों में नवीनतम है। अरब रेज़िगाट और मसोलिट जनजाति के लोग अक्सर आपस में भिड़ते रहते है। हालांकि दोनों ही मुस्लिम धर्म से संबंधित जनजातियां है। यह हिंसा पश्चिमी दरफुर प्रांत की प्रांतीय राजधानी अल जिनीना में अरब रेज़िगाट और मसोलिट जनजातियों के बीच थी।

यह भी पढ़े:

सूडान में जातीया हिंसा से 83 लोगों की मौत

https://thesundaypost.in/world/83-killed-in-sudan-due-to-caste-violence/

यह घटना तब घटित हुई जब शनिवार को दो बंदूकधारियों ने मसोलिट जनजाति के दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस गोलीबारी में दो अन्य मसोलिट जनजाति के घायल हो गए थे। उसके बाद दोनों ने अपनी सेनाएं बुला ली तब से, और सोमवार को देर रात एल जेनीना में गोलियों की आवाज सुनी गई। जनवरी में, कम से कम 129 लोग मारे गए और एल जिनीना में सैन्य सुदृढीकरण लाया गया। एल जनीना के स्थानीय निवासियों और रायटर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार भारी हथियारों और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड का उपयोग किया गया था। स्थानीय निवासियों ने अपने वीडियों और चित्रों में दिखाया कि कैसे धुआं उठ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि सभी मानवीय गतिविधियों को रोक दिया गया है और एल जनीना को जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया। दरफुर क्षेत्र में चल रहा यह जातीय नरसंहार सूडान सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है। अक्टूबर में, सरकार ने कुछ विद्रोही समूहों के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो पूर्व राष्ट्रपति उमर अल-बशीर के खिलाफ लड़े रहे थे। इस साल की शुरुआत में संघर्ष वाले क्षेत्र से अंतर्राष्ट्रीय शांति सेना को वापिस बुला लिया था। सूडान सरकार ने अब दोबारा कहा है कि एक नए समझौते के तहत शांति सेना को दोबारा लाया जाएगा।

You may also like

MERA DDDD DDD DD