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उत्तर कोरिया में लगा लॉकडाउन

अलग-थलग पड़े देश उत्तर कोरिया ने कभी भी कोरोना वायरस के एक भी मामले को स्वीकार नहीं किया है। 2020 में महामारी के शुरू होने के बाद से देश ने अपनी सीमाओं पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने बताया कि उत्तर कोरिया ने गुरुवार को आधिकारिक तौर पर अपने यहां पहले कोविड​​-19 मामले की पुष्टि की और राष्ट्रीय लॉकडाउन का आदेश दिया।

समाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि राजधानी प्योंगयांग में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का पहला मामला सामने आया है। केसीएनए ने मामले की संख्या या संक्रमण के संभावित स्रोतों का विवरण नहीं दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि संक्रमित लोगों के नमूने 8 मई को लिए गए थे।

केसीएनए ने कहा, “देश में यह सबसे बड़ी आपातकालीन घटना हुई है, इसने हमारे क्वारंटीन नियमों को नाकाफी साबित कर दिया है, जिसने देश को दो साल और तीन महीने तक सुरक्षित रखा था।”

समाचार एजेंसी ने बताया कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की और वायरस नियंत्रण प्रणाली पर “अधिकतम आपातकाल” लगाने का निर्णय लिया। इस बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि वह उत्तर कोरिया को मानवीय मदद पहुंचाने को तैयार है।

लॉकडाउन के सख्त आदेश

केसीएनए के मुताबिक, किम ने संक्रमण को फैलने से रोकने और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सक्रिय करने के लिए देश के सभी शहरों और कस्बों में सख्त लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है. दक्षिण कोरियाई और चीनी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उत्तर कोरियाई लोगों को कोविड-19 वायरस का उल्लेख किए बिना घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

हालांकि उत्तर कोरिया ने अब तक देश में किसी भी कोरोना वायरस के मामले से इनकार किया है, लेकिन विशेषज्ञों ने इन दावों पर संदेह जताया है. उत्तर कोरिया ने देश को महामारी से बचाने के लिए अपनी सीमाएं को सील कर दी थी.

प्योंगयांग ने वैश्विक वैक्सीन कार्यक्रम कोवैक्स के तहत टीका लेने से इनकार कर दिया था और साथ ही उसने चीनी वैक्सीन कंपनी सिनोवैक बायोटेक द्वारा वैक्सीन देने के प्रस्ताव को भी नामंजूर कर दिया था।

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