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किंग सलमान का नया फरमान, सऊदी में अब नाबालिगों नहीं दी जाएगी सजा-ए-मौत

किंग सलमान का नया फरमान, सऊदी में अब नाबालिगों नहीं दी जाएगी सजा-ए-मौत

एक दिन पहले ही कोड़े मारने की सजा खत्म करने के बाद अब सऊदी अरब ने कानून में एक और बदलाव किया गया है। अपने कट्टर इस्लामिक कानून के लिए जाने जाने वाले सऊदी में अब किसी नाबालिग को मौत की सजा नहीं दी जाएगी। सऊदी अरब के किंग सलमान की ओर से यह फैसला लिया गया है कि नाबालिगों को किसी गंभीर अपराध में आरोपी होने पर भी सजा-ए-मौत नहीं दी जाएगी। इससे पहले रविवार को सऊदी में कोड़े मारने की सजा को समाप्त करने का फैसला लिया गया था।

अपने कट्टर इस्लामिक कानून में परिवर्तन करते हुए किंग सलमान की ओर से रविवार को यह फरमान सुनाया गया। इस फरमान के तहत अब नाबालिगों को गंभीर अपराध के होने पर भी सज़ा-ए-मौत नहीं दी जा सकेगी। किंग सलमान के फरमान के अनुसार, अब से नाबालिग को सजा मौत न देकर उसे 10 साल के लिए किशोर जेल भेजा जाएगा।

पहले खत्म की गई कोड़े मारने की सजा

सऊदी सरकार के मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अब्वाद अल्वाद की ओर से इस फरमान की पुष्टि की गई और इसे राजशाही की आधुनकि दंड संहिता बताया गया। उन्होंने कहा कि यह सऊदी की राजशाही और अधिक सुधारवादी कदमो को उठाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सऊदी में किंग सलमान के नेतृत्व में कई सुधारात्मक निर्णय लिए गए हैं। महिलाओं पर से भी कई प्रतिबंधों को हटाया गया है। जिसकी विश्व भर में सराहना हुई। पर उदारवाद के फरमानों से नई छवि बनाने के बीच सऊदी वाणिज्य दूतावास में पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या से इस आधुनिकिकरण के दावे को एक झटका लगा था। दुनियाभर में इस घटना की कड़ी आलोचना की गई।

आधुनिक छवि बनाने के प्रयास में सलमान

दरअसल सऊदी अरब के इस्लामिक कानून में परिवर्तन करके किंग सलमान उदारवाद और प्रगतिवाद के साथ अपनी आधुनिक छवि बनाने के प्रयास में लगे हुए है। जिसके चलते 26 अप्रैल, रविवार को सऊदी में कोड़े मारने की सजा पर रोक लगा दी गई। इसकी जगह अब कैद या जुर्माने की सजा निर्धारित कर दी गई हैं। कोड़े मारने की सजा समाप्त करने पर आदेश देते हुए अदालत ने कहा कि सऊदी अरब के किंग सलमान के आदेश अनुसार इस सज़ा का खात्मा किया जाता है।

इस फैसले को किंग सलमान और उनके बेटे प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के मानवाधिकार सुधार कार्यक्रम का विस्तार बताया गया। गौरतलब है कि सत्ता में आते ही क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अपने देश में कुछ घरेलू विरोध के बीच भी वैश्विक स्तर पर सऊदी अरब की छवि में सुधार लाने का प्रयास किया है। जिससे की सऊदी अरब को आधुनिक बनाकर यहां विदेशी निवेश के अवसर खोले जा सकें। हालांकि इसी के साथ उन पर उदारवादियों, महिला अधिकार कार्यकर्ताओं, लेखकों और सुधारवादी उलेमा के दमन के भी आरोप लगते रहे हैं।

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