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‘कश्मीर ऑवर’ तो बस एक बहाना है ,इमरान को तो बस भारत विरोधी माहौल बनाना है!

कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की बौखलाहट अब भी जारी है। इसी  बौखलाहट में पाकिस्तान द्वारा  30  अगस्त को कश्मीरी जनता के साथ ‘एकजुटता’ दिखाने के लिए 12 से 12:30 तक ‘कश्मीर ऑवर’ मनाया गया। जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के भारत इस फैसले की पृष्ठभूमि में पाकिस्तान ने यह आयोजन किया। शुक्रवार दोपहर को जैसे ही 12 बजे , देशभर में सायरन बजने लगे और इस्लामाबाद की सभी सड़कों पर यातायात सिग्नल लाल हो गए। पाकिस्तान में अलग-अलग शहरों में कई रैलियां हुई जहां बड़ी संख्या में लोग देखे गए। अलग-अलग यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं भी रैलियों में पोस्टरों के साथ दिखाई दिए।

यह मुख्य आयोजन इस्लामाबाद के कांस्टीट्यूशन एवेन्यू में आयोजित किया गया था, जहां प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा नारेबाजी कर रही और झंडा लहरा रही भीड़ को संबोधित किया गया। इमरान खान ने कहा, ‘आज पूरा पाकिस्तान, जहां भी पाकिस्तानी हैं, चाहे वे हमारे छात्र हों, दुकानदार हों या मजदूर हों, आज हम सभी हमारे कश्मीरियों के साथ खड़े हैं। कश्मीरी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। पिछले करीब चार सप्ताह से करीब 80 लाख कश्मीरियों को कर्फ्यू में बंद कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ‘कश्मीर ऑवर’ मनाने का उद्देश्य पाकिस्तान से यह संदेश भेजना है कि देश कश्मीरियों के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा, ‘हम आखिरी सांस तक उनके साथ खड़े रहेंगे। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर के अनुसार, यह साप्ताहिक प्रदर्शन 27 सितंबर तक चलेगा, जिसमें सैन्य और असैन्य अधिकारी शिरकत करेंगे। 27 सितंबर को ही प्रधानमंत्री इमरान संयुक्त सुरक्षा परिषद को संबोधित करेंगे। भारत ने पांच अगस्त जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को समाप्त करते हुए राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था। इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है।

वही दूसरी तरह ‘कश्मीर ऑवर’ को लेकर इमरान की अपील की कई पाकिस्तानी पत्रकारों ने तीखी आलोचना भी की। ट्विटर पर कई पत्रकारों ने लिखा कि इमरान को पहले देखना चाहिए कि वह अपने देश में क्या कर रहे हैं। पत्रकार नायला इनायत ने तंज कसते हुए लिखा, ‘ब्रेकिंग!! भारत से आ रही हवा और पानी को पाकिस्तान 12 से 12.30 के बीच रोकेगा।’ एक और अन्य पत्रकार आइमा खोसा ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री इमरान को लगता है कि वह इस तरह की अपील करके लोगों को साथ जोड़ रहे हैं और अपनी ही सत्ता में चल रहे फासीवादी उत्पीड़न को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं।’ पाकिस्तानी मूल के पत्रकार ताहा सिद्दीकी ने पाक आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को निशाना बनाते हुए लिखा, ‘जनरल बाजवा को एलओसी पर जिहाद करने के लिए भेज देना चाहिए। अगर वह जीतते हैं तो कश्मीर फ्री हो जाएगा हारते हैं तो पाकिस्तान फ्री हो जाएगा।’

इससे पहले ही पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा पाकिस्तानी जनता से भारतीय  भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने यानी भारत में बने सामान न ख़रीदने की अपील भी की जा रही थी। पाकिस्तानी सोशल मीडिया में एक तबक़ा लोगों से अपील  कर  रहा है, “अगर आप भारतीय सामान ख़रीदेंगे तो भारत उन्हीं पैसों से हथियार ख़रीदेगा, जिसका इस्तेमाल कश्मीरियों के उत्पीड़न में किया जाएगा।”

पाकिस्तान के लोग ट्विटर और फ़ेसबुक पर #BoycottIndianProducts के साथ ट्वीट और पोस्ट कर रहे हैं साथ ही अनुच्छेद 370 पर भारत सरकार के क़दम की निंदा कर रहे हैं।  सिर्फ़ सामान ही नहीं, सोशल मीडिया में पाकिस्तानियों से भारतीय फ़िल्में, संगीत और टीवी सीरियल भी न देखने को कहा जा रहा है। तो वही इधर, भारतीय सोशल मीडिया में पाकिस्तान के इस ट्रेंड का जवाब दिया जा रहा है। .भारतीय #BoycottIndianProdcuts की आलोचना कर रहे हैं और पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूज़र्स के ट्वीट का जवाब दे रहे हैं।

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