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दूसरे विश्वयुद्ध में जापानी सैनिकों की बर्बरता और रेप का शिकार हुई, कोरियाई महिलाओं को 66-66 लाख रुपए देने का आदेश

साउथ कोरिया की एक अदालत ने दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापानी सैनिकों द्वारा बलात्कार की शिकार बनाई गई महिलाओं के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। इन महिलाओं से जापानी सैनिक हर रोज बलात्कार किया करते थे। साउथ कोरिया की राजधानी सियोल में केंद्रीय जिला अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उन 12 पीड़ित महिलाओं को 66-66 लाख रूपये जापान की और से दिए जाए। दूसरे विश्वयुद्ध के समय जापान के सैनिकों ने साउथ कोरिया को महिलाओं को सेक्स के लिए गुलाम बना दिया था। इन महिलाओं को comfort women नाम दिया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसार 50 सैनिक एक दिन में इन महिलाओं का यौन शोषण करते थे। इन महिलाओं की जिंदगी जानवरों से भी बदतर कर दी गई थी।

इस तरह के यौन शोषण से साउथ कोरिया की कई महिलाएं यौन संचारित बीमारियों से ग्रस्त हो गई। कई महिलाएं अनचाहे तौर पर प्रग्नेंट हो गई थी। साउथ कोरिया की कोर्ट ने कहा कि इन महिलाओं को सेक्स गुलाम बनाना, इंसानियत के खिलाफ किया गया अपराध था, पीड़ित महिलाओं ने 2013 में कोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं दूसरी तरफ जापान के कोर्ट ने इस फैसले का विरोध किया। जापान ने इस फैसले पर कहा कि इस मुद्दें पर 1965 में एक समझौते के तहत सुलझाया जा चुका है। लेकिन कोर्ट का कहना है कि 1910 से 1945 के बीच जापान ने गैरकानूनी रूप से कोरियाई क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था और इसी दौरान महिलाओं को सेक्स गुलाम बनाया गया था। इसलिए स्वायत्त देश होने के बावजूद जापान मुकदमे से नहीं बच सकता।

सेक्स गुलाम बनाई गईं साउथ कोरिया की करीब 240 महिलाओं ने सरकार के साथ रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि अब इनमें से सिर्फ 16 जीवित हैं। वहीं, जिन 12 महिलाओं ने मुकदमा दायर किया था, उनमें से भी आठ की मौत हो चुकी है। वहीं, 20 महिलाओं ने जापान के खिलाफ एक अलग मुकदमा दायर किया है जिसका फैसला अगले हफ्ते आ सकता है।

इतिहासकारों की इस बात को लेकर सहमति है कि करीब 2 लाख महिलाओं को सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान जबरन जापान के मिलिट्री ब्रॉथल्स में काम करना पड़ा। सैन फ्रांसिस्को स्टेट यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें 80 फीसदी कोरियन महिलाएं थीं। इसके अलावा चीन, ताइवान, फिलीपीन्स, इंडोनेशिया, बर्मा और पेसिफिक आइलैंड की महिलाएं थीं। वहीं, जापान सेना के ब्रॉथल्स चीन, कोरिया पेनिन्सुइला और साउथ ईस्ट एशिया के एक बड़े हिस्से में था, जहां भी जापानी सेना का कब्जा था। इन महिलाओं का दुर्दशा एक भावुक मुद्दा है, जिसे लेकर साउथ कोरिया और जापान के बीच लगातार संबंध प्रभावित होते है। कोरियन मीडिया के मुताबिक, पीड़ित महिलाओं को जापानी सैनिकों ने 1944 में चीन के एक गांव में मार डाला था।

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