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गाजा पट्टी में Israeli Air Strike से 21 की मौत

गाजा पट्टी में Israeli Air Strike से 21 की मौत

इजरायल (Israel) के पूर्वी येरुशलम में पिछले कई दिनों से हिंसा हो रही है। हिंसा की शुरुआत शुक्रवार 7 मई को हुई, जब अल-अक्सा मस्जिद (Al-Aqsa Mosque) में हजारों की संख्या में फिलीस्तीनी रमजान (Ramadan) की पवित्र रात को प्रार्थना करने के लिए इकट्ठा हुए थे। शनिवार की सुबह इजरायल की पुलिस (Israeli police) ने मस्जिद की तरफ जाती बसों को भी रास्ते में रोक दिया था। इसके बाद पुलिस और फिलीस्तीनियों के बीच हिंसक झड़प हो गई, इस झड़प में 200 फिलीस्तीन और कम से कम 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। जिसके बाद चरमपंथी संगठन हमास ने इजरायल पर हमले की धमकी दे डाली।

सोमवार रात को फिलीस्तीनी चरमपंथी समूह हमास ने इजरायल (Israel) पर रॉकेट दागे, जिसके बाद हिंसा बढ़ गई। इसके बाद इजरायली सेना (Israeli military) ने गाजा पट्टी पर चरमपंथी ठिकानों पर हवाई हमले किए। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को ‘अल जज़ीरा’ को बताया कि हमलों में बच्चों सहित 21 लोग मारे गए हैं। ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपियन संघ ने इजरायल और फ़लस्तीनियों से तनाव को कम करने की अपील करते हुए शांति बहाल की बात कहीं है। फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने इस बात की निंदा करते हुए इसराइल के हमले को ‘गुनाह’ बताया है।

“हमास को रॉकेट हमलों पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। सभी पक्षों को शांति बहाली के लिए थोड़ा पीछे हटना होगा।” एंटनी ब्लिंकन,अमेरिका के विदेश मंत्री

“फिलिस्तीनी भूमि पर इजरायल के कब्जे पर अमेरिकी नीति 1948 से आज तक “एकतरफा” रही है, जिससे इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच संघर्ष के मूल कारण को हल करना मुश्किल हो गया है।” मोहम्मद ओविस, अमेरिकी राजनीतिक विश्लेषक

इजरायली सेना के अनुसार उनके हवाई हमलों से चरमपंथी संगठन ‘हमास’ के कम से कम 15 लोग मारे गए है। इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हमास के हमलो के बाद कहा था कि हमास ने सारी हदें पार कर दी है, और हम पूरी ताकत से इसका जवाब देंगे।

दरअसल फलस्तीनी येरुशलम में अल अक्सा मस्जिद में जाने पर लगाए गए प्रतिबंधों से नाराज है। मस्जिद के बाहर भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात करने से लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। फिलीस्तीनी लोगों का कहना है कि उन्हें मस्जिद में जाने से पिछले कई दिनों से रोका जा रहा है। अल अक्सा मस्जिद को मुस्लिमों में तीसरी सबसे पवित्र मस्जिद माना जाता है। यह मस्जिद येरुशलम में यहूदियों के टेंपल माउट के बराबर में स्थित है। टेंपल माउट यहूदियों के लिए पवित्र स्थल है। अल-अक्सा मस्जिद में घायल हुए फिलीस्तीनी उपासको के साथ एकजुटता दिखाते हुए तेल अवीव के पास अल-लियद शहर में इजारयली पुलिस के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किए। फिलिस्तीनियों के खिलाफ हाल ही में इजरायल की हिंसा के विरोध में हजारों लोगों ने सोमवार को तुर्की के अंकारा में इज़राइली दूतावास और इस्तांबुल में देश के वाणिज्य दूतावास के बाहर ने प्रदर्शन किए।

क्या है विवाद?

1967 में मध्य पूर्व युद्ध के बाद इजरायल ने पूर्वी येरुशलम को अपने नियंत्रण में ले लिया था, इसके बाद इजरायल पूरे शहर को अपनी राजधानी मानता है। वहीं दूसरी तरफ फलीस्तीन पूर्वी येरूशलम को एक आजाद मुल्क की राजधानी के रुप में देखता है। बीबीसी के अनुसार, अक्तूबर 2016 में संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक शाखा यूनेस्को की कार्यकारी बोर्ड ने एक विवादित प्रस्ताव को पारित करते हुए कहा था कि येरुशलम में मौजूद ऐतिहासिक अल-अक्सा मस्जिद पर यहूदियों का कोई दावा नहीं है। यूनेस्को की कार्यकारी समिति ने यह प्रस्ताव पास किया था।

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