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विदेशों में बसने वालों में पहले नंबर पर भारतीय

सयुंक्त राष्ट्र (यूनाइटेड नेशन)ने पलायन पर कई देशों की सूचि जारी की है। इस सूचि के अनुसार विदेशों में पलायन करने के मामले में भारतीय दुनिया में पहले पायदान पर हैं। भारत की आबादी के लिहाज से देखा जाए तो यह आंकड़ा बहुत कम लगेगा लेकिन यह आंकड़ा कई देशों की आबादी से अधिक है। भारत के 1.8 करोड़ लोग दूसरे देशों में रहते हैं।

दुनिया के 27.2 करोड़ प्रवासियों में से अधिकांश लोग यूरोप और उत्तरी अमेरिका में रहते हैं। इनकी संख्या में पिछले दस सालों के दौरान 23 फीसद की बढ़ोतरी पाई गई है। विदेशों में बसने के मामले में दूसरे नंबर पर मेक्सिको और चीन का नंबर आता है। मैक्सिकों के 1.2 करोड़ और चीन के 1.1 करोड़ लोग विदेशों में रहते हैं।नौकरी, उद्योग, व्यापार सहित अन्य कारणों से अपना देश छोड़ दूसरे देशों रहने वालों में भारतयों की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा है। संयुक्त राष्ट्र संघ की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में जन्मे 1.75 करोड़ लोग अलग-अलग देशों में रहते हैं। यह कुल प्रवासी आबादी का 6.43 फीसदी है।

संयुक्त राष्ट्र संघ के आर्थिक व सामाजिक मामलों के विभाग की जनसंख्या शाखा ने कल 18 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी स्टॉक डाटा-2019 रिपोर्ट जारी की। इसके मुताबिक दुनिया की कुल आबादी के 3.5 प्रतिशत लोग प्रवासी हैं। संयुक्त राष्ट्र इस अध्ययन के जरिए प्रवासियों की संख्या, उम्र, जन्म देश, आदि की जानकारी जुटाता है। इससे विकसित देशों में प्रवासियों के योगदान को भी समझा जाता है। संयुक्त राष्ट्र विभन्न देशों द्वारा की गई जनगणना और विदेश में जन्मे नागरिकों के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट बनाता है।

सबसे ज्यादा प्रवासी अमेरिका में

दुनिया में सबसे ज्यादा 5.10 करोड़ प्रवासी अमेरिका में है। यह कुल प्रवासियों का 19 प्रतिशत है। इसके बाद जर्मनी और सऊदी अरब में 1.30 करोड़ प्रवासी हैं। रूस में 1.2 करोड़, ब्रिटेन में एक करोड़, यूएई में 90 लाख, फ्रांस, कनाडा व ऑस्ट्रेलिया में आठ लाख और इटली में छह लाख प्रवासी हैं।

भारत में 51 लाख प्रवासी

यह रिपोर्ट बताती है कि भारत में 51.54 लाख अंतरराष्ट्रीय प्रवासी हैं। यह आंकड़ा 1990 में 76 लाख था, जिसमें लगातार गिरावट दर्ज की गई। 2015 के 52.41 लाख मुकाबले 2019 में सबसे कम गिरावट रही। 2010 से 2019 के दौरान देश की कुल आबादी में प्रवासियों की हिस्सेदारी 0.4 प्रतिशत है, जबकि 1990 में यह आंकड़ा 0.9 प्रतिशत था।

देश में दो लाख शरणार्थी

भारत में बसे प्रवासियों में 2.07 लाख शरणार्थी भी हैं। यह कुल प्रवासियों का चार प्रतिशत है। 1990 में देश में 2.12 लाख शरणार्थी थे और तब उनका अनुपात 2.8 प्रतिशत था। हमारे यहां पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से सर्वाधिक शरणार्थी आए हैं। इनमें से 48.8 प्रतिशत महिलाएं हैं। वहीं औसत उम्र 47.1 वर्ष है, जिनमें 71 प्रतिशत 20 से 64 वर्ष और 20 प्रतिशत 64 वर्ष से अधिक आयु के हैं।

तीसरे नंबर पर  चीन

एक तिहाई अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दुनिया के 10 सबसे ज्यादा प्रवासी देने वाले देशों से हैं। भारत व मैक्सिको के बाद चीन के 1.07 करोड़, रूस के 1.05 करोड़, सीरिया के 82 लाख, बांग्लादेश के 78 लाख, पाकिस्तान के 63 लाख, यूक्रेन के 59 लाख, फिलीपींस के 54 लाख और अफगानिस्तान के 51 लाख प्रवासी हैं।

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