[gtranslate]
world

भारतीय मूल के अमेरिकी साइंटिस्ट को वर्ल्ड फूड प्राइज से किया गया सम्मानित

भारतीय मूल के अमेरिकी साइंटिस्ट को वर्ल्ड फूड प्राइज से किया गया सम्मानित

भारतीय मूल के अमेरिकी सॉइल साइंटिस्ट (मिट्‌टी के विशेषज्ञ) डॉ. रतन लाल को 2020 के वर्ल्ड फूड प्राइज से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार को कृषि क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। डॉ. रतन लाल को प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने और जलवायु परिवर्तन को कम करने वाले खाद्य पदार्थों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने डॉ. रतन लाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने लगभग 50 करोड़ किसानों की मदद की है। उन्होंने किसानों को बेहतर मैनेजमेंट, मिट्टी के कम कटाव और प्राकृतिक तरीके से मिट्‌टी में पोषक तत्वों को बनाए रखना सिखाया।

पोम्पियो ने कहा कि दुनिया की आबादी लगातार बढ़ रही है। हमें उन संसाधनों की जरूरत है, जिससे उत्पादकता बढ़े और पर्यावरण और मिट्‌टी को नुकसान न हो। मिट्टी पर की गई डॉ. लाल की रिसर्च से पता चलता है कि इसका हल हमारे पास ही है।

डॉ. रतन लाल ओहियो यूनिवर्सिटी में ‘कार्बन मैनेजमेंट एंड सेक्वेस्ट्रेसन सेंटर’ के संस्थापक हैं। वह इसके डायरेक्टर भी हैं। रतन लाल ने अपनी रिसर्च की शुरुआत नाइजीरिया के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल एग्रीकल्चर से की थी। उन्होंने एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में मिट्‌टी को स्वस्थ बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट डेवलप किए।

उन्होंने बिना जुताई, कवर क्रॉपिंग (मिट्‌टी की उर्वरता बढ़ाने वाली फसलें), मल्चिंग (प्लास्टिक से ढककर होने वाली खेती) और एग्रोफोरस्ट्री जैसी तकनीकों की खोज की या उनमें बदलाव किया। इन तकनीकों से खेती करने में पानी कम लगता है और मिट्‌टी के पोषक तत्व बने रहते हैं।

इन तकनीकों के जरिए फसल पर बाढ़, सूखा और जलवायु परिवर्तन के दूसरे प्रभाव नहीं पड़ते हैं। 2007 में इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) को शांति का नोबेल पुरस्कार मिला था। डॉ. रतनलाल भी आईपीसीसी का हिस्सा थे।

You may also like

MERA DDDD DDD DD