रेहम ने कहा अगर इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ चुनाव जीतती है तो सत्ता उग्रवादियों के हाथ में होगी
अगले महीने पाकिस्तान में होने वाले आम सभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव की सरगर्मियां बढ़ गई है। सभी छोटे-बड़े दलों के चुनाव प्रचार ने वहां का राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है। चुनावी गहमागहमी के बीच एक किताब की खूब चर्चा हो रही है। यह किताब क्रिकेटर से राजनीति में आए इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान की है। इस किताब में रेहम इमरान खान के कई राजों से पर्दा हटाने का दावा कर रही हैं। इससे प्रधानमंत्री पद के दावेदार इमरान खान के राजनीतिक जीवन पर प्रभाव पड़ने वाला है।
अपने किताब के संदर्भ में एक अन्तर्राष्ट्रीय न्यूज चैनल से बात करते हुए रेहम ने कहा कि यह किताब पाकिस्तान के मतदाताओं को उनके बारे में वह सब कुछ बताएगी, जिन्हें वह वोट देने वाले हैं। इमरान खान को मिस्टर यू-टर्न बताते हुए रेहम कहती हैं कि इमरान एक राजनीतिक अवसरवादी हैं और हर किसी को जो उनका समर्थक है, उनसे सावधान रहना चाहिए।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि रेहम यह सब सिर्फ इमरान खान को बदनाम करने के उद्देश्य से कर रही हैं। लेकिन रेहम उन तमाम आरोपों का खंडन करते हुए कहती हैं कि उनकी किताब, उनकी आत्मकथा में उनके व्यक्तिगत संबंधों, एक बेटी और एक पत्रकार के रूप में उन्होंने जो देखा है वही है। बता दें कि रेहम की इमरान से शादी सिर्फ 10 महीने ही चली थी।
इसके साथ रेहम ने किताब में बताया है कि किस प्रकार पाकिस्तान में बड़े पदों को देने के लिए यौन शोषण किया जाता है। रेहम बताती हैं कि गैंगरेप के आरोपियों को भी राजनीतिक दलों में बड़ी आसानी से शामिल कर लिया जाता है। उन्होंने कहा, ‘मेरा इमरान को समर्थन देने का कारण भी यही था कि वह ऐसी मानसिकता का विरोध करते थे, लेकिन बाद में मैंने देखा कि इमरान भी ऐसी हरकतें करने वालों जैसे ही थे। बल्कि उन से भी बुरे थे।’
रेहम ने आरोप लगाते हुए कहा कि वास्तव में पीएमएलएन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की तुलना में काफी साफ और बेहतर हैं। इसी के साथ उन्होंने कहा कि देश को ऐसे शख्स के हाथों सौंपना एक गंभीर जोखिम भरा कदम होगा क्योंकि वह एक अतिवादी हैं। वे चुनाव जीत कर इस देश को उग्रवादियों के हाथों सौंप देंगे। बता दें कि पाकिस्तान में 25 जुलाई से आम सभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव होने वाले हैं।

