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“वित्त मंत्री हो तो ऐसी”

"वित्त मंत्री हो तो ऐसी"

मात्र 35 वर्षीय एक महिला इस समय चर्चा में हैं। जिनका नाम है मारिया अंटोनिटा अल्वा। यह पेरू देश की वित्त मंत्री हैं। अपनी कार्यकुशलता को लेकर पेरू की वित्त मंत्री काफी सुर्खियां बटोर रही हैं। इसकी वजह हैं बहुत कम समय में अपने देश की आर्थिक स्थिति को सुधारकर पटरी पर ले आना। जी हाँ,  पेरू देश की इस महिला वित्त मंत्री ने काफी कम दिनों में ही पेरू देश की अर्थव्यवस्था को काफी हद संभाल लिया है।

इस वित्त मंत्री की कार्यकुशलता का हर कोई कायल हो रहा है। इनकी स्पष्ट नीतियों के चलते पेरू अंतरराष्ट्रीय बाजार में बांड्स बेचने में कामयाब हो गया। सबसे अहम बात तो यह है कि उन्हें मंत्री पद संभाले हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। मारिया अंटोनिटा अल्वा ने पिछले साल अक्टूबर माह में वित्त मंत्री का कार्यभार संभाला था। लेकिन इतने काम समय में भी उनकी स्मार्टनेस और कार्यकुशलता ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया है। साथ ही वह राष्ट्रपति की कैबिनेट में अहम जगह बना चुकी हैं।

रॉकस्टार बनी मारिया अंटोनिटा अल्वा

इस समय अपने देश में 35 वर्षीय मारिया अंटोनिटा अल्वा एक रॉकस्टार बनी हुई है। हर कोई उनकी शान में तारीफों के पुल बांध रहा है। हर तरह उनकी प्रसंशा हो रही है। चित्रकार उनकी पेंटिंग बनाकर वायरल कर रहे हैं। हर कोई उनके साथ सेल्फी लेने को बेताब है। हर माँ उनके साथ अपने बच्चों की सेल्फी लेकर एक नया उत्साह महसूस कर रही है। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ गई है कि उन्हें हर कोई अब प्यार से टोनी कहकर सम्बोधित कर रहा है।

सबके जहन में एक ही सवाल उठ रहा है आखिर उन्होंने ऐसा किया क्या है जिससे उनकी शोहरत हर तरफ पहुंच गई है। इस बारे में हार्वर्ड में उनके अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे रिकार्डो हाउसमन कहते हैं, “अगर टोनी यहां नहीं होतीं तो आपको बिल्कुल अलग नतीजा देखने को मिलता।” कोरोना के बचाव के लिए पेरू भी अपनी ओर से हर सम्भव प्रयास करने में जुटा हुआ है। कोरोना से उबरने के लिए पेरू सरकार के सलाहकार रिकार्डो हाउसमन है। पेरू सरकार में रिकार्डो द्वारा विशेषज्ञों के एक समूह का प्रतिनिधित्व किया जाता है। पेरू समेत 10 मुल्कों को कोरोना के प्रभाव से निपटने के लिए यह समूह सलाह प्रदान कर रहा है।

कैसे पटरी पर आई अर्थव्यवस्था

पेरू की सुस्त अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए यहाँ योजनानुसार चरणबद्ध तरीकों से काम किए गए। गिरती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए शुरू में देश-विदेश के अर्थशास्त्रियों और कैबिनेट सहयोगियों से विचार विमर्श किया गया। ताकि नागरिकों को कैश, सब्सिडी और सरकार की ओर से बिजनेस लोन मुहैया कराए जाने पर सहमति बन पाए। इससे पहले कभी भी पेरू में इस तरह के प्रयास नहीं किए गए थे।

जैसे ही उनकी नीति जमीनी हालत से मेल खाने लगी तो लोगों ने खर्च करना शुरू किया। जिससे काफी हद्द तक बाजार की स्थिति सुधरने में सहयोग मिला। स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना के मद में कटौती कर पेरू को वापस पटरी पर लाने का प्रयास किया गया। साथ ही उनके सरकार में रहने के कारण और उनके अथक प्रयास के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 बिलियन डॉलर का बांड्स की बिकवाली हो पाई।

एक दशक के सबसे कम 2.2 फीसद वृद्धि दर को किया पार

इस कदम से पेरू ने एक दशक के सबसे कम 2.2 फीसद वृद्धि दर को पार कर लिया। लेकिन इस बीच कोरोना वायरस ने विश्व समेत पेरू में अपने पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं। इस देश ने इसके प्रसार को रोकने के लिए समय से पहले ही लॉकडाउन का निर्णय ले लिया गया था। लेकिन इसके साथ ही उनके द्वारा पीड़ितों और उद्योगों की तरफ भी अपना ध्यान कम नहीं होने दिया गया और महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से सामना करते हुए छोटे उद्योगों और नागरिकों के लिए महत्वकांक्षी राहत पैकेज की घोषणा कर दी गई है।

इसी के चलते कोरोना संकट काल में वित्त मंत्री को रॉक स्टार कहनेवालों की कमी नहीं है। 35 वर्ष की महिला मंत्री अब  एक विनाशकारी महामारी के दौरान एक महत्वाकांक्षी वसूली पैकेज का संचालन कर रही है और साथ ही वह अपने छोटे व्यवसायों और आम नागरिकों के लिए अपनी उदारता के लिए प्रशंसा जीत रही है।

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