world

बात निकली है तो दूर तक जाएगी

एक दूसरे को पागल और तानाशाह कह पुकारने वाले दो अंतरराष्ट्रीय नेताओं की गत् सप्ताह हुई मुलाकात ने अमेरिका और उत्तर कोरिया के मध्य बढ़ रहे तनाव को कुछ कम करने का काम किया है।


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गत् रविवार को उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग से प्योगयांग में मुलाकात की। अमेरिकी राष्ट्रपति उत्तर कोरियाई की धरती पर कदम रखने वाले पहले राष्ट्रपति है। उन्होंने रविवार को भारी किलेबंदी के बीच असैन्य (डीएमजेड) क्षेत्र में उत्तर कोरिया के शासक किम भोंगे से मुलाकता की। टं्रप ने इस पल को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यहां आना उनके लिए सम्मान की बात है। इस मुलाकात में दोनों के बीच परमाणु कार्यक्रम मुद्दे पर फरवरी में हनाई में हुई बातचीत को फिर शुरू करने की सहमति बनी है।

असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) उत्तर और दक्षिण कोरिया को विभाजित करता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस मुलाकात को परमाण्ु हथियार खत्म करने की दिशा में प्रतिबद्धता के तौर पर भी देखा जाएगा।

डोनाल्ड टं्रप के 2017 में अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से ही अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। टं्रप ने इंटरकान्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल और हाइड्रोजन बम परीक्षण करने पर किम को नतीजे भुगतने की धमकी भी दी थी, जिस पर किम जोंगे ने भी पलटवार कर टं्रप को सनकी और पागल बताया तो टं्रप ने भी किम को तानाशाह, पागल और युद्ध उन्मादी करार तक दे दिया था।

पिछले साल 12 जून को दोनों नेता सिंगापुर में पहली बार मिले थे। तब उत्तर कोरयि ने परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने पर सहमति जताई थी। इस साल फरवरी में दो बार वियतनाम के हनोई में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। जहां किम ने अमेरिकी प्रतिबंध को जल्द हटाने की मांग की। इस पर टं्रप ने परमाणु हथियार नष्ट करने की शर्त रखी थी। यह मुलाकात बेनतीजा रही और बातचीत वहीं टूट गई। ताजातरीन मुलाकात की पहल टं्रप ने ही की है। इस असैन्य जोन में हुई दोनों नेताओं की मुलाकात के नतीजो पर पूरी दुनिया की नजर है। दोनों नेताओं की इकस मुलाकात के ठोस नतीजे आने की उम्मीद जताई जा रही है।

मीडिया द्वारा पूछे जाने पर टं्रप ने अमेरिका की ओर से बातचीत करने के लिए स्टीफन बाइगुन का नाम दिया। उत्तर कोरिया की तरफ से फिलहाल अभी तक कोई नाम तय नहीं किया है।

You may also like